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केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कृषि और बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें कृषि, रेलवे और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़े बड़े एलान शामिल हैं। 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, कोयले से गैस बनाने की योजना और अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी दी गई है। जानें इन निर्णयों का किसानों और बुनियादी ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कृषि और बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। सरकार ने कृषि, रेलवे, ऊर्जा और हवाई अड्डों से संबंधित कई बड़े घोषणाएं की हैं। इनमें से 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि का निर्णय सबसे प्रमुख है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को उनकी फसलों का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अतिरिक्त, गुजरात के धोलेरा तक सेमी हाई स्पीड रेल परियोजना और नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण को भी स्वीकृति दी गई है।


 


कैबिनेट बैठक के बाद, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार आधुनिक बुनियादी ढांचे पर तेजी से कार्य कर रही है, साथ ही देश के कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों को भी मजबूत बना रही है। रेलवे और हवाई अड्डों से संबंधित नई परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।


खरीफ फसलों के MSP में वृद्धि

खरीफ फसलों की MSP में बढ़ोतरी


सरकार ने 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए 14 खरीफ फसलों के MSP में वृद्धि की है। इस बार सूरजमुखी के बीज पर सबसे अधिक 622 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा कपास पर 557 रुपये, नाइजरसीड पर 515 रुपये और तिल पर 500 रुपये प्रति क्विंटल MSP बढ़ाई गई है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें फसल का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।



उत्पादन लागत के मुकाबले किसानों को सबसे अधिक लाभ मूंग पर मिलने की उम्मीद है, जिसमें लगभग 61% मार्जिन रहने का अनुमान है। इसके बाद बाजरा और मक्का में 56-56% और तूर/अरहर में 54% तक मुनाफा मिलने की संभावना है।


कोयले से गैस उत्पादन पर जोर

कोयले से गैस बनाने पर जोर


कैबिनेट ने 37,500 करोड़ रुपये की कोल गैसीफिकेशन योजना को भी मंजूरी दी है। सरकार अब कोयले से गैस बनाने की दिशा में तेजी से काम करेगी। इस गैस का उपयोग खाद, बिजली और रासायनिक उत्पादन में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।



रेलवे और एयरपोर्ट के विकास

रेलवे और एयरपोर्ट को नई उड़ान


अहमदाबाद सरखेज-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन रेल परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। लगभग 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाला यह भारत का पहला सेमी हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट होगा, जिससे अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा आसान और तेज होगी।


 


इसके अलावा, नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण को भी हरी झंडी मिल गई है। यह कार्य PPP मॉडल के तहत किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।