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केजरीवाल और सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शराब नीति मामले में हाईकोर्ट के समन को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। केजरीवाल ने निष्पक्ष जांच के लिए जजों की पीठ के स्थानांतरण की मांग की है, जबकि सिसोदिया ने समन का विरोध किया है। इस मामले में 16 मार्च को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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केजरीवाल और सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

दिल्ली शराब नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख


दिल्ली शराब नीति मामले में हाईकोर्ट के समन को चुनौती
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शराब नीति से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय के समन को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। केजरीवाल ने निष्पक्ष जांच के लिए सुनवाई कर रहे जजों की पीठ के स्थानांतरण की मांग की है। वहीं, सिसोदिया ने हाईकोर्ट के समन का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।


दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को एक्साइज पॉलिसी केस में रिहा कर दिया था। इसी दिन सीबीआई ने इस फैसले को चुनौती दी थी।


हाईकोर्ट में सुनवाई की तारीख

दिल्ली हाईकोर्ट में 9 मार्च को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सीबीआई की याचिका पर केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी किया था। अब इस मामले की सुनवाई 16 मार्च को होगी। इस बीच, आप पार्टी के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।


जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई पर रोक

9 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक लगा दी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने निर्देश दिया कि संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल कोर्ट की आगे की सुनवाई तब तक टाली जाए, जब तक हाईकोर्ट इस मामले पर सुनवाई न कर ले।


सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एजेंसी फिलहाल डिस्चार्ज आदेश पर रोक नहीं चाहती, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच को प्रभावित न करे।