केजरीवाल का पेपर लीक पर बड़ा आरोप: 90 से अधिक मामले और युवाओं का भविष्य दांव पर
पेपर लीक पर केजरीवाल का बयान
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के तहत 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे 6 करोड़ से ज्यादा युवाओं का भविष्य संकट में है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने उम्मीदवारों के आत्मविश्वास को प्रभावित किया है।
केजरीवाल ने बुधवार को 'जेन जी' से अपील की कि वे NEET (UG) परीक्षा के लीक के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए आगे आएं। उनका कहना था कि यदि बांग्लादेश और नेपाल के युवा राजनीतिक बदलाव ला सकते हैं, तो भारतीय छात्र भी जिम्मेदारी तय करने के लिए दबाव बना सकते हैं।
पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता
अरविंद केजरीवाल, संयोजक, आम आदमी पार्टी:-
2014 से अब तक 93 पेपर लीक हो चुके हैं। 6 करोड़ से अधिक युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया है। सबसे अधिक लीक उन राज्यों में हुए हैं, जहां बीजेपी की डबल इंजन सरकार है। क्या यह सिर्फ एक संयोग है?
युवाओं को सड़कों पर उतरने की आवश्यकता
अरविंद केजरीवाल, संयोजक, आम आदमी पार्टी:-
NEET के पेपर लीक की घटनाएं वर्षों से हो रही हैं, और हम केवल सिस्टम की आलोचना करते रहते हैं। लेकिन सिस्टम अपने आप नहीं चलता, इसके पीछे लोग होते हैं। हमें उन्हें पहचानना और पकड़ना होगा, इसके लिए युवाओं को सड़कों पर उतरना होगा।
केजरीवाल ने यह भी पूछा कि क्या CBI द्वारा की गई पूर्व जांच के परिणामों के आधार पर दोषियों को सजा मिली है?
बांग्लादेश जैसी क्रांति की उम्मीद
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'यदि बांग्लादेश और नेपाल में युवा सरकारें बदल सकते हैं, तो भारतीय युवा भी पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं।'
https://twitter.com/ANI/status/2054456303930720763
अरविंद केजरीवाल, संयोजक, आम आदमी पार्टी:-
अगर नेपाल और बांग्लादेश के युवा अपनी सरकारें बदल सकते हैं, तो क्या भारत के 'जेन जी' पेपर लीक करने वालों को जेल नहीं भेज सकते?
जेन Z की पहचान
जेन Z उन युवाओं की पीढ़ी है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए हैं। यह वह वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है।
NEET जांच पर केजरीवाल की राय
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में CBI जांच का कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकलेगा। पिछले पेपर लीक मामलों में भी जांच में कुछ साबित नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की घटनाएं बीजेपी शासित राज्यों में अधिक होती हैं।
