केदारनाथ यात्रा मौसम के कारण रुकी: श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया
खराब मौसम के चलते यात्रा में बाधा
श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया, कई जगह फिसलन, भूस्खलन का खतरा बना
देहरादून से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से चल रही गर्मी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून अभी भारत में प्रवेश नहीं कर सका है, इसलिए यह राहत कुछ समय के लिए ही है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में तापमान 45 डिग्री से गिरकर 40 डिग्री से नीचे आ गया है। हालांकि, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा बाधित हो गई है। यहां फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है।
यात्रा फिर से शुरू होगी जब मौसम साफ होगा
श्राइन बोर्ड के सदस्यों और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। जैसे ही बारिश का प्रभाव समाप्त होगा, यात्रा को फिर से शुरू किया जाएगा ताकि यात्रियों की जान को खतरे में न डाला जाए।
उत्तर भारत का मौसम कैसा रहेगा
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओले गिरने, गरज-चमक और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। इसी तरह का मौसम जम्मू-कश्मीर में भी रहने की उम्मीद है। उत्तराखंड में भी गरज-चमक और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं।
पंजाब और हरियाणा में तेज हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चल सकती हैं। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा, कभी-कभी 60 किमी/घंटा तक) चल सकती हैं।
