केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर से गहनों की चोरी ने उठाए सवाल
पद्मनाभस्वामी मंदिर में चोरी की घटना
तिरुवनंतपुरम, केरल में स्थित प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर से सोने और हीरे के गहनों की चोरी की घटना ने देशभर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 'वैराम नामा' नामक कीमती हीरा पिछले छह महीनों से गायब है। इसके अलावा, लगभग 78 ग्राम सोने का भी कोई पता नहीं चल रहा है।
चोरी पर उठे सवाल
मंदिर के खजाने से गहनों की चोरी ने न केवल चोरों पर बल्कि पूरे सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। भक्तों द्वारा दान किए गए गहनों के गायब होने पर लोग चिंतित हैं कि सुरक्षा व्यवस्था क्या कर रही है।
हीरा और दीपक की गुमशुदगी
रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर के दस्तावेजों में उल्लेख है कि 'वैराम नामा' को मरम्मत के लिए बाहर ले जाया गया था, लेकिन उसे वापस नहीं लाया गया। इसके साथ ही, छह महीने पहले रखरखाव के लिए भेजा गया एक सोने का दीपक भी गायब है।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
इस घटना ने मंदिर के खजाने की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल उठाए हैं। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सुझाव दिए गए हैं, जिसमें सोने और चांदी के सामान को तिजोरियों में रखना, भक्तों की भेंट को विशेष लॉकर में जमा करना और सभी प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी सुरक्षा जांच शामिल है।
प्रबंधन की जिम्मेदारी
पद्मनाभस्वामी मंदिर का प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कार्यकारी समिति द्वारा किया जाता है, जो इसके सभी कार्यों के लिए जिम्मेदार है। इस समिति में जिला न्यायाधीश, केंद्र सरकार का प्रतिनिधि, और अन्य सदस्य शामिल हैं। इस समिति के बावजूद, ऐसी घटनाओं ने लोगों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है।
