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केरल के सुनील जोसेफ ने पेपर कप्स के अनोखे संग्रह से बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

केरल के 57 वर्षीय समाजसेवी सुनील जोसेफ ने 858 पेपर कप्स का अनोखा संग्रह बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है। उनके इस संग्रह में 31 देशों के कप शामिल हैं, जिनका आकार 5 मिलीलीटर से लेकर 500 मिलीलीटर तक है। सुनील का यह जुनून और दृढ़ता उन्हें पहले भी रिकॉर्ड बनाने में मदद कर चुकी है। जानें कैसे उन्होंने अपने अनोखे संग्रह के माध्यम से युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य किया है।
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केरल के सुनील जोसेफ ने पेपर कप्स के अनोखे संग्रह से बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

सुनील जोसेफ का अद्भुत कारनामा

क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण पेपर कप, जिसे आप चाय पीने के बाद फेंक देते हैं, किसी को वैश्विक पहचान दिला सकता है? केरल के 57 वर्षीय समाजसेवी सुनील जोसेफ ने ऐसा ही एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने डिस्पोजेबल पेपर कप्स का एक ऐसा संग्रह तैयार किया है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। 1 दिसंबर 2025 को गिनीज बुक ने उनके 858 पेपर कप्स के संग्रह को दुनिया का सबसे बड़ा माना।


31 देशों के कप और सबसे छोटा कप

सुनील के इस अद्भुत संग्रह में 31 विभिन्न देशों के कप शामिल हैं, जिनका आकार 5 मिलीलीटर से लेकर 500 मिलीलीटर तक है। सुनील बताते हैं कि यह काम अकेले नहीं किया जा सकता था; उनके दोस्तों और रिश्तेदारों ने जहां भी अनोखे कप देखे, उन्हें सुनील तक पहुंचाया। आज यह अनोखा खजाना उनके घर की शोभा बढ़ा रहा है।


रिकॉर्ड बनाने का जुनून

यह पहली बार नहीं है जब सुनील ने दुनिया को चौंकाया है। उन्हें बचपन से ही उन चीजों को सहेजने का शौक है जिन्हें लोग बेकार समझते हैं।

• 2013 में, सुनील ने 245 देशों के 12,000 से अधिक पुराने टेलीफोन कार्ड्स जमा करके अपना पहला गिनीज रिकॉर्ड बनाया।

• उनका यह शौक बचपन से शुरू हुआ, जिसमें डाक टिकट, सिक्के और माचिस के स्टिकर्स शामिल थे। अब यह रेजर ब्लेड रैपर, एयरलाइन बोर्डिंग पास और टी-बैग्स के विशाल संग्रह में बदल चुका है।


शादी के कार्ड्स पर ध्यान

सुनील इन चीजों को केवल अलमारी में नहीं रखते, बल्कि वे स्कूलों और कॉलेजों में प्रदर्शनियां लगाते हैं ताकि युवा पीढ़ी को यह सिखा सकें कि हर साधारण चीज के पीछे एक दिलचस्प कहानी और संस्कृति होती है। फिलहाल, वे शादी के निमंत्रण पत्रों का सबसे बड़ा संग्रह तैयार करने में जुटे हैं ताकि एक और विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर सकें। सुनील की यह कहानी यह साबित करती है कि जुनून और दृढ़ता से किसी भी साधारण चीज को भी महानता में बदला जा सकता है।