केरल में 'द केरला स्टोरी 2' पर विवाद: बीफ फेस्ट के जरिए विरोध प्रदर्शन
फिल्म 'द केरला स्टोरी 2' का विवाद
नई दिल्ली: केरल में 'द केरला स्टोरी 2' फिल्म के ट्रेलर ने विवाद को जन्म दिया है। इसमें एक हिंदू महिला को जबरन बीफ खिलाने का दृश्य दर्शाया गया है, जिसने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है। वामपंथी संगठनों ने इसका विरोध करते हुए राज्यभर में बीफ फेस्ट आयोजित किए और बीफ के साथ पराठा परोसा।
विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
वामपंथी संगठनों का विरोध
सीपीआई(एम) की युवा शाखा डीवाईएफआई और छात्र शाखा एसएफआई ने तिरुवनंतपुरम सहित कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फिल्म केरल की सेकुलर छवि को धूमिल करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने का प्रयास है। उनका दावा है कि फिल्म में दिखाए गए जबरन धर्मांतरण और बीफ खिलाने की घटनाएँ केरल में नहीं होतीं। यह सब झूठ और प्रचार पर आधारित है।
Beef fest protest by Communist SFI in Thiruvananthapuram against The Kerala Story 2
— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) February 20, 2026
What was the need to include beef in it ? Just to mock Hindus 😡 pic.twitter.com/jSzdaavqvJ
फिल्म का निर्देशन कमाख्या नारायण सिंह ने किया है और यह 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। ट्रेलर में जबरन धर्मांतरण की कहानी दिखाई गई है, जिसमें बीफ से जुड़ा विवादास्पद दृश्य है। इस दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग कह रहे हैं कि केरल में बीफ का सेवन सामान्य है, कोई जबरदस्ती नहीं होती।
मुख्यमंत्री और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने फिल्म की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म राज्य के खिलाफ नफरत फैलाने और सेकुलर परंपरा को कमजोर करने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने कहा, "केरल धार्मिक सद्भाव, सतत विकास और कानून-व्यवस्था का मॉडल है। हमें ऐसे झूठे प्रचार को सामूहिक रूप से अस्वीकार करना चाहिए।" कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इसे "झूठी कहानियाँ गढ़कर केरल को अपमानित करने" वाला बताया।
उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पहले भाग को राष्ट्रीय पुरस्कार देकर ऐसी फिल्मों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीजेपी ने पलटवार करते हुए राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाया और अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला दिया।
फिल्म का बहिष्कार और विवाद का असर
आईयूएमएल की छात्र इकाई एमएसएफ ने फिल्म का बहिष्कार करने की अपील की, जबकि एसएफआई के बीफ फेस्ट का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। केरल पर्यटन विभाग ने भी मजाकिया अंदाज में "No Beef With Anyone" पोस्टर साझा कर विवाद पर चुटकी ली, जो वायरल हो गया। यह विवाद फिल्म की रिलीज से पहले राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस का कारण बन गया है। केरल की सेकुलर छवि और सांस्कृतिक एकता पर सवाल उठ रहे हैं। लोग फिल्म को प्रचार का हथियार मान रहे हैं।
