केरल विधानसभा चुनाव: 38% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, कांग्रेस सबसे आगे
चुनाव में शामिल 339 उम्मीदवार करोड़पति
तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से सबसे अधिक 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं, जबकि भाजपा के 59 और सीपीआई (एम) के 51 उम्मीदवार शामिल हैं। गंभीर मामलों जैसे हत्या और बलात्कार के आरोप 23% उम्मीदवारों पर हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने 883 में से 863 उम्मीदवारों के एफिडेविट का विश्लेषण कर यह रिपोर्ट जारी की है। कुल 339 उम्मीदवार करोड़पति हैं, अर्थात हर पांच में से दो उम्मीदवार करोड़पति हैं।
करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि
पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में केवल 27% उम्मीदवार करोड़पति थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 39% हो गया है। इस प्रकार, पिछले पांच वर्षों में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या में 48% की वृद्धि हुई है।
54% उम्मीदवार ग्रेजुएट नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, 54% उम्मीदवारों की शिक्षा ग्रेजुएट स्तर से कम है। इनमें से 48% उम्मीदवारों की शिक्षा 5वीं से 12वीं कक्षा के बीच है। राज्य में एकल चरण में मतदान 9 अप्रैल को होगा और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
कांग्रेस, भाजपा और सीपीआई के 182 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले
कांग्रेस, भाजपा और सीपीआई के 255 में से 182 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनमें से 17 उम्मीदवारों पर हत्या से संबंधित आरोप हैं और 15 पर महिला अपराध से जुड़े मामले हैं। सभी राजनीतिक दलों ने कम से कम 42% टिकट ऐसे उम्मीदवारों को दिए हैं जिन पर आपराधिक मामले चल रहे हैं।
कांग्रेस के रेजी सबसे अमीर उम्मीदवार
अलप्पुझा जिले की कुट्टनाड सीट से केरल कांग्रेस के रेजी चेरियन 2026 केरल विधानसभा चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं, जिनकी कुल संपत्ति 218 करोड़ रुपए है। वहीं, कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर सीट से एसयूसीआई (सी) की आश्ना थम्बी की संपत्ति केवल 84 रुपए है। इसके अलावा, 8 ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति जीरो बताई है।
महिलाओं को केवल 11% टिकट
2011 की जनगणना के अनुसार, केरल उन राज्यों में से एक है जहां पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक है। फिर भी, राजनीतिक पार्टियों ने केवल 11% (92) टिकट महिलाओं को दिए हैं। शिक्षा के मामले में भी केरल देश के सबसे अच्छे राज्यों में से एक है।
