कैथल में गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम की बदहाली पर चिंता

खेल सुविधाओं की कमी
कैथल के गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में खिलाड़ियों को उचित खेल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक नहीं जीत पा रहे हैं। यह स्टेडियम लगभग 17 साल पहले गांव खानपुर के निकट स्थापित किया गया था।
अव्यवस्थाओं का सामना
स्टेडियम की देखरेख में कमी के कारण यहां अव्यवस्थाएं बढ़ गई हैं। यह स्टेडियम जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है और इसका क्षेत्रफल लगभग 20 एकड़ है।
खराब स्थिति
स्टेडियम में घास उग आई है और ट्रैक की स्थिति भी खराब हो गई है। छतें टूट चुकी हैं और इंडोर स्टेडियम की छत भी खराब है। शौचालयों के गेट तक नहीं हैं और स्टेडियम के अंदर और बाहर गंदगी फैली हुई है।
कोचों की कमी
जिले में 12 खेलों के लिए सरकारी कोच उपलब्ध नहीं हैं, जिनमें तैराकी, शूटिंग, बैडमिंटन, वेट लिफ्टिंग, क्रिकेट, ताईक्वांडे, कराटे, टेबल टेनिस, लन टेनिस, तांगथा, नौकायान और मलखंभ शामिल हैं।
खेल सुविधा केंद्र की स्थिति
खेल विभाग ने गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में एक खेल सुविधा केंद्र स्थापित किया है, जिसमें लगभग 2.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। हालांकि, यह केंद्र कभी भी खिलाड़ियों के लिए उपयोग में नहीं आया है।
राजीव गांधी स्टेडियम और अन्य
कैथल में कई अन्य खेल स्टेडियम भी हैं, जैसे कि गांव हाबड़ी का अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हाकी स्टेडियम और छोटू राम इंडोर खेल स्टेडियम।
फायर सिस्टम की स्थिति
स्टेडियम में आग बुझाने के उपकरण लगाए गए थे, लेकिन वे अब काम नहीं कर रहे हैं। इसके लिए एक बेसमेंट कमरा भी बनाया गया था, जिसमें पानी भर चुका है।