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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन आज से शुरू हो गए हैं। इस वर्ष की यात्रा विशेष 'अग्नि अश्व वर्ष' योग के तहत आयोजित की जाएगी, जो 60 वर्षों बाद हो रहा है। जानें यात्रा के मार्ग, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में। इस यात्रा में भाग लेने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली में कैलाश मानसरोवर यात्रा की घोषणा


नई दिल्ली: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर आई है। आज से इस वर्ष की यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विशेष बात यह है कि 2026 में यह यात्रा 60 वर्षों बाद एक विशेष दिव्य योग के तहत आयोजित की जा रही है, जिसे 'अग्नि अश्व वर्ष' कहा जाता है। तिब्बती ज्योतिष के अनुसार, यह 60 वर्षीय चक्र का एक महत्वपूर्ण संयोग है। हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे मोक्ष प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं। इस बार विदेश मंत्रालय सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है।


कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 की तैयारी

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन आज से प्रारंभ हो गए हैं। जून के पहले सप्ताह में जत्थे को रवाना किया जाएगा। सरकार इस यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है और इस बार कुल 500 श्रद्धालुओं को यात्रा पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रा दो मार्गों - लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम) से आयोजित की जाएगी।


दिव्य योग 'अग्नि अश्व वर्ष' का महत्व

इस बार की कैलाश यात्रा 60 वर्षों बाद 'अग्नि अश्व वर्ष' नामक विशेष महासंयोग में हो रही है। तिब्बती और हिमालयी ज्योतिष में 60 साल का चक्र महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष अग्नि तत्व और अश्व का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में मोक्ष का द्वार माना जाता है। इस कारण, इस यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।


कैलाश मानसरोवर यात्रा के मार्ग

यात्रा के लिए दो मुख्य मार्ग हैं। पहला मार्ग लिपुलेख दर्रा है, जो दिल्ली से टनकपुर, पिथौरागढ़, धारचूला, गुंजी होते हुए लिपुलेख दर्रे तक जाता है। यह मार्ग वाहनों के लिए सुविधाजनक है। दूसरा मार्ग नाथू ला दर्रा है, जो सिक्किम के रास्ते गंगटोक होते हुए नाथू ला पार करता है। लिपुलेख मार्ग अधिक लोकप्रिय है क्योंकि इसमें ट्रेकिंग की आवश्यकता कम होती है।


यात्रा के लिए पात्रता और आवश्यक दस्तावेज

यात्रा में भाग लेने के लिए MEA की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। उम्मीदवारों के पास वैध भारतीय पासपोर्ट या OCI कार्ड, हालिया मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और आधार जैसे पहचान पत्र होना चाहिए। चयनित यात्रियों को विदेश मंत्रालय द्वारा यात्रा से संबंधित सभी जानकारी और ओरिएंटेशन सत्र प्रदान किया जाएगा।