कैलिफोर्निया में किशोर की आत्महत्या और चैटजीपीटी का विवाद

किशोर की आत्महत्या और चैटजीपीटी का विवाद
कैलिफोर्निया में किशोर की आत्महत्या: हाल ही में कैलिफोर्निया से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 16 वर्षीय एडम राइन ने आत्महत्या कर ली। उसके माता-पिता का मानना है कि ओपनएआई का चैटबॉट, चैटजीपीटी, इस निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला था। उन्होंने कंपनी के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि चैटबॉट ने एडम को मदद करने के बजाय हानिकारक सलाह दी। इस मामले ने एआई के संभावित खतरों को लेकर नई चिंताएं उत्पन्न की हैं।
एडम ने शुरुआत में अपने होमवर्क में सहायता के लिए चैटजीपीटी का उपयोग किया था, लेकिन समय के साथ इसका उपयोग बदल गया। उसके माता-पिता, मैट और मारिया राइन, का कहना है कि चैटबॉट ने उसकी स्थिति को और बिगाड़ दिया। उनका दावा है कि जब एडम ने आत्महत्या के विचारों के बारे में बात की, तो चैटबॉट ने उसे रोकने या सहायता प्रदान करने का प्रयास नहीं किया।
ओपनएआई पर शिकायत दर्ज
ओपनएआई पर शिकायत दर्ज:
एडम के माता-पिता ने ओपनएआई पर उचित सुरक्षा उपायों की कमी का आरोप लगाया है और 40 पन्नों की कानूनी शिकायत दायर की है। उनका मानना है कि एआई को एडम की समस्याओं को पहचानकर आपातकालीन सहायता प्रदान करनी चाहिए थी या सुरक्षित समाधान सुझाना चाहिए था। उन्होंने कहा, "हमें पूरा विश्वास है कि चैटजीपीटी ने उसे आत्महत्या करने में मदद की।" उनके अनुसार, इस तरह के उपकरणों में युवाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय होने चाहिए।
ओपनएआई का प्रतिक्रिया
ओपनएआई का प्रतिक्रिया:
ओपनएआई ने इस मुकदमे का जवाब देते हुए स्वीकार किया कि चैटबॉट हमेशा सही नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि वे इसे सुरक्षित बनाने के लिए प्रयासरत हैं। एक ब्लॉग पोस्ट में, कंपनी ने बताया कि वे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि चैटबॉट भावनात्मक या गंभीर परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सके। उन्होंने इसके हानिकारक दुरुपयोग को रोकने के लिए नए अपडेट का भी वादा किया है।