कोटद्वार के जिम मालिक दीपक कुमार का आर्थिक संकट: विवादों के बाद कारोबार ठप
दीपक कुमार की मुश्किलें
उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम के मालिक दीपक कुमार, जिन्हें मोहम्मद दीपक के नाम से भी जाना जाता है, वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार की सहायता की थी, जिसके बाद उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। दीपक का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और विवादों के कारण उनका व्यवसाय लगभग ठप हो गया है। अब उन्हें अपने जिम को बेचने और शहर छोड़ने के बारे में गंभीरता से विचार करना पड़ रहा है।
दीपक का परिचय
42 वर्षीय दीपक कुमार कोटद्वार में हल्क जिम का संचालन करते हैं। उन्होंने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को उपद्रवियों से बचाने के लिए खुद को मोहम्मद दीपक बताया था। इस घटना के बाद उनके खिलाफ कई उपद्रवी सक्रिय हो गए और कुछ हिंदू संगठनों ने भी उनका विरोध किया। हालांकि, समाज के एक हिस्से ने उनकी बहादुरी की सराहना की।
विवाद के बाद शुरू हुई आफत
जब दीपक ने खुद को मुस्लिम बताया, तो कई हिंदू संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनकी जिम का बहिष्कार किया गया और प्रदर्शन भी किए गए। उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहीं। इस दौरान, विपक्ष के नेताओं और समाज के कई लोगों ने उनका समर्थन किया। दीपक कुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की। विवाद के बाद उनकी जिम में आने वाले लोगों की संख्या में कमी आई।
किराया चुकाने में कठिनाई
इस घटना के बाद दीपक ने कुछ समय के लिए अपने जिम को बंद कर दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने इसे फिर से शुरू किया। विवाद के कारण जिम के सदस्यों की संख्या घट गई, जिससे दीपक अब किराया चुकाने में असमर्थ हैं। उन्होंने अपने मकान मालिक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उन्हें सामान समेटने के लिए कह दिया है। दीपक ने कहा, 'मैं लगातार किराया नहीं दे पा रहा था। हालाँकि, अब स्थिति सुधर रही थी क्योंकि लगभग 70 लोग हर दिन आने लगे थे। फिर भी मकान मालिक ने मुझसे कहा कि वह मुझे बिल्डिंग किराए पर नहीं देना चाहते क्योंकि मैं मुसलमानों के लिए खड़ा होता हूं।' दीपक अब शहर छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।
विवाद का कारण
जनवरी 2026 में दीपक पहली बार चर्चा में आए जब उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद के समर्थन में आवाज उठाई। कुछ लोग दुकानदार की दुकान का नाम बदलने की कोशिश कर रहे थे, जिसमें 'बाबा' शब्द था, जिससे हिंदू संगठनों को आपत्ति थी। दीपक ने वहां पहुंचकर विरोध किया और जब लोगों ने उनका नाम पूछा, तो उन्होंने मोहम्मद दीपक बताया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दीपक का विरोध शुरू कर दिया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता दीपक कुमार की जिम में जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस घटना के बाद कई लोगों ने दीपक के जिम में आना बंद कर दिया। विवाद से पहले 150 से अधिक लोग दीपक की जिम में आते थे, लेकिन विवाद के बाद यह संख्या 50 से कम रह गई। एक समय तो केवल 15 लोग ही दीपक की जिम के सदस्य थे। इसके अलावा, दीपक को समाज से अलग करने की कोशिश की गई और अब उन्हें जिम खाली करने के लिए कह दिया गया है।
