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क्या आपके पास है एक से ज्यादा LPG कनेक्शन? जानें नए नियमों के बारे में

केंद्र सरकार ने गैस वितरण नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें एक परिवार के लिए केवल एक LPG कनेक्शन मान्य होगा। तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अतिरिक्त कनेक्शन तुरंत सरेंडर करें। नए नियमों के तहत, एक परिवार की परिभाषा में पति-पत्नी, बच्चे और माता-पिता शामिल हैं। उल्लंघन करने पर गैस आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की जा सकती है। जानें इस बदलाव के पीछे की वजह और क्या करें यदि आपके पास एक से ज्यादा कनेक्शन हैं।
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क्या आपके पास है एक से ज्यादा LPG कनेक्शन? जानें नए नियमों के बारे में

नई दिल्ली में गैस वितरण नियमों में बदलाव


नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गैस वितरण से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन करते हुए यह स्पष्ट किया है कि अब एक परिवार के नाम पर केवल एक एलपीजी कनेक्शन ही मान्य होगा। गैस कंट्रोल ऑर्डर में किए गए इस संशोधन के बाद, एक ही घर में एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन रखना पूरी तरह से निषिद्ध कर दिया गया है।


ग्राहकों से अपील

तेल विपणन कंपनियों, जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने मिलकर उपभोक्ताओं के लिए एक सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसमें सभी ग्राहकों से अनुरोध किया गया है कि जिन परिवारों के पास एक से अधिक गैस कनेक्शन हैं, वे तुरंत अतिरिक्त कनेक्शन को सरेंडर करें। कंपनियों ने यह भी बताया है कि 1 जून से इस नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।


नए नियमों के अनुसार, एक परिवार की परिभाषा में पति-पत्नी, उनके अविवाहित या विवाहित बच्चे और आश्रित माता-पिता शामिल होंगे। इस पूरे परिवार के लिए केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन मान्य होगा। यदि किसी उपभोक्ता के पास एक से अधिक कनेक्शन पाए जाते हैं, तो उसकी गैस आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की जा सकती है। आपूर्ति तब ही फिर से शुरू होगी जब सभी अतिरिक्त कनेक्शन पूरी तरह से सरेंडर कर दिए जाएंगे।


सरेंडर प्रक्रिया के बाद, यदि उपभोक्ता के पास केवल एक कनेक्शन बचता है, तो उसे आवश्यकता अनुसार डबल बॉटल कनेक्शन (डीबीसी) में परिवर्तित करने की सुविधा भी दी जा सकती है, जिससे गैस की निरंतर आपूर्ति बनी रहे।


पीएनजी कनेक्शन धारकों के लिए नए नियम

इसके अलावा, पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना अनिवार्य होगा। 25 मई 2026 के संशोधन के तहत यह प्रावधान किया गया है कि पीएनजी कनेक्शन लेने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन बंद करना आवश्यक है। हालांकि, उपभोक्ता ट्रांसफर वाउचर भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे भविष्य में यदि किसी क्षेत्र में पीएनजी उपलब्ध न हो तो एलपीजी कनेक्शन फिर से सक्रिय कराया जा सके।


तेल कंपनियों का दृष्टिकोण

सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाना, सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना और गैस की ब्लैक मार्केटिंग पर अंकुश लगाना है। इसके साथ ही, स्वच्छ ईंधन के रूप में पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देना भी इस नीति का एक प्रमुख लक्ष्य है।


तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे नियमों का पालन करें और अपने नजदीकी वितरक या ऑनलाइन माध्यम से अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें।