क्या तमिल अभिनेता विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर पड़ेगा असर? जानें आयकर मामले की पूरी कहानी
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में विजय की मुश्किलें
नई दिल्ली: तमिल सिनेमा के अभिनेता और तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के नेता सी. जोसेफ विजय के लिए हालात कठिन होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में शामिल विजय के खिलाफ 2015 में आई फिल्म 'पुली' से संबंधित आयकर अनियमितताओं का मामला फिर से ताजा हो गया है। मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
याचिका में क्या आरोप लगाए गए हैं?
याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि फिल्म 'पुली' के निर्माण के दौरान विजय को नकद भुगतान किया गया था, जिस पर उचित टैक्स नहीं चुकाया गया। यह याचिका बुधवार को कोर्ट रजिस्ट्री में नंबर दी गई है और इसकी सुनवाई जल्द होने की उम्मीद है। यह याचिका पिछले महीने दायर की गई थी, लेकिन पहले इसे रजिस्ट्री द्वारा नंबर देने से मना कर दिया गया था।
2015 का 'पुली' मामला
याचिका के अनुसार, आयकर विभाग ने सितंबर 2015 में विजय से जुड़े स्थानों पर छापे मारे थे। इन छापों में कुछ दस्तावेज मिले, जिनसे पता चला कि फिल्म निर्माताओं पी.टी. सेल्वकुमार और शिबू ने विजय को 16 करोड़ रुपये चेक के माध्यम से दिए थे, इसके अलावा 4.93 करोड़ रुपये नकद भी दिए गए थे।
नकद राशि पर TDS नहीं काटा गया था। पूछताछ के दौरान विजय ने लगभग 5 करोड़ रुपये नकद लेने की बात स्वीकार की और उस पर टैक्स चुकाने पर सहमति जताई। बाद में उन्होंने 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय स्वेच्छा से घोषित की और कुल 35.42 करोड़ रुपये की आय दिखाई।
FIR की मांग
याचिकाकर्ता ने आयकर विभाग की जांच के आधार पर विजय के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि नकद लेन-देन से जुड़े अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
विजय की राजनीतिक स्थिति पर प्रभाव
यह याचिका विजय के लिए एक politically sensitive समय पर आई है। TVK के प्रमुख विजय तमिलनाडु में सक्रिय राजनीति में हैं और भविष्य में बड़े पद की आकांक्षा रखते हैं। इस मामले का उनकी छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अभी तक विजय या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस याचिका पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामला फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।
