क्या नक्सलवाद का अंत 2026 में संभव है?
नक्सलवाद के अंत की समयसीमा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, नक्सलवाद समाप्त होने में अब 14 दिन से भी कम समय बचा है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद का अंत हो जाएगा। लेकिन क्या यह सच में उग्र वामपंथी हिंसा का अंत होगा, या केवल एक सरकारी घोषणा होगी जबकि इसका अस्तित्व किसी न किसी रूप में बना रहेगा? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि केंद्र सरकार ने देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है, जबकि दिल्ली में ही हजारों लोग हर सुबह शौच के लिए जाते हैं।
सरकार की मंशा और अभियान की सफलता
हालांकि, इस सवाल का उद्देश्य सरकार की मंशा पर संदेह करना नहीं है। सरकार की नीयत स्पष्ट है और अभियान प्रभावी ढंग से चल रहा है। इसका परिणाम यह है कि कई प्रमुख उग्रवादी मारे गए हैं और बचे हुए ने आत्मसमर्पण किया है। नम्बाला केशव राव और माधवी हिडमा का मारा जाना इस अभियान की सफलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वामपंथी उग्रवाद की जड़ें
वामपंथी उग्रवाद ने पिछले कई दशकों से देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दी है। छत्तीसगढ़, झारखंड, और अन्य राज्यों में नक्सली गतिविधियों ने शासन और विकास को प्रभावित किया है। यूपीए सरकार के दौरान ऑपरेशन ग्रीन हंट ने नक्सलवाद को काफी नुकसान पहुंचाया। हाल के वर्षों में, केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है।
सुरक्षा बलों की रणनीति
केंद्र सरकार ने नक्सलवाद खत्म करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और अन्य अर्धसैनिक बलों को लगाया है। इसके बावजूद, यह समझना आवश्यक है कि नक्सलवाद केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिस्थितियों से उत्पन्न हुआ आंदोलन है। इसकी शुरुआत भूमिहीन किसानों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए हुई थी।
विकास और पुनर्वास की नीति
सरकार ने नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति शुरू की है, जिसके तहत हथियार छोड़ने वालों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं।
भविष्य की चुनौतियाँ
हालांकि, यह सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या नक्सलवाद के खिलाफ चल रहा अभियान 31 मार्च तक पूरी तरह समाप्त हो सकता है। यह संभव है कि कुछ छोटे समूह या उग्रवादी अपना अभियान जारी रखें। स्थानीय स्तर पर रणनीति बनानी होगी ताकि बचे हुए समूहों को समाप्त किया जा सके।
