क्या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवाद फिर से सिर उठा रहा है? अबु मूसा का विवादास्पद भाषण
पाकिस्तान में आतंकवाद का नया चेहरा
पाकिस्तान: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) एक बार फिर आतंकवाद के सुरक्षित ठिकाने के रूप में चर्चा में आ गया है. नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट टाटरीनोट क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख कमांडर, अबु मूसा कश्मीरी ने भड़काऊ भाषण दिया है. यह क्षेत्र पूंछ जिले के हजीरा तहसील, रावलाकोट क्षेत्र में स्थित है.
अपने भाषण में, अबु मूसा ने भारत और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की बात की. उसने कश्मीर के मुद्दे को बातचीत के बजाय हिंसा के माध्यम से हल करने की बात कही, जो स्पष्ट रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बयान है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों में बेचैनी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को बड़ा झटका लगा है. इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, आतंकवादी नेटवर्क दबाव में हैं और अपनी स्थिति कमजोर होते देख रहे हैं. इसी कारण से, वे अब सार्वजनिक मंचों पर उकसाने वाले भाषण देकर अपने कैडर को फिर से सक्रिय करने का प्रयास कर रहे हैं.
कश्मीर के लिए आतंक का पुराना एजेंडा
अबु मूसा ने यह भी दावा किया कि उसने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को संदेश भेजा है कि कश्मीर का समाधान केवल आतंक और जेहाद के माध्यम से ही संभव है. यह बयान पाकिस्तान की उस नीति को दर्शाता है, जिसे भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करता रहा है. भारत का स्पष्ट रुख है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को बातचीत से नहीं, बल्कि आतंकवाद के जरिए जीवित रखना चाहता है. अबु मूसा का यह बयान उसी सोच को पुष्ट करता है.
खुफिया सूत्रों के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले से पहले भी अबु मूसा ने इसी तरह के उकसाने वाले भाषण दिए थे. जांच एजेंसियों का मानना है कि ऐसे बयान अक्सर किसी बड़े आतंकी हमले से पहले माहौल बनाने के लिए दिए जाते हैं, ताकि कट्टरपंथी युवाओं को हिंसा के लिए प्रेरित किया जा सके.
पाकिस्तानी सेना प्रमुख की सोच की झलक
खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि पाकिस्तान में सक्रिय आतंकियों की भाषा और विचारधारा हाल के दिनों में पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के बयानों से मेल खा रही है. असीम मुनीर बार-बार पाकिस्तान की पहचान को धार्मिक आधार से जोड़ते रहे हैं, और उनके बयानों में हिंदू विरोधी सोच दिखाई देती है. इस प्रकार, आतंकियों और पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान के बीच वैचारिक समानता और समर्थन की कड़ी और स्पष्ट होती जा रही है.
भारत की पहले से स्पष्ट चेतावनी
भारत ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों को खुली छूट और संरक्षण मिलता है. अबु मूसा कश्मीरी का यह ताजा भाषण भारत के इसी दावे को और मजबूत करता है. यह घटना एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देता रहेगा और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बना रहेगा.
