Newzfatafatlogo

क्या मई में राहत देगा मौसम? IMD का नया पूर्वानुमान

इस साल मई का मौसम राहत देने वाला हो सकता है, जैसा कि IMD के ताजा पूर्वानुमान में बताया गया है। तापमान सामान्य रहने की उम्मीद है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही, कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता और मानसून के समय पर आगमन के संकेत भी दिए हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर बना रह सकता है। जानें इस मौसम के बारे में और क्या कहता है IMD का पूर्वानुमान।
 | 
क्या मई में राहत देगा मौसम? IMD का नया पूर्वानुमान

मई का मौसम: राहत की उम्मीद


इस वर्ष मई का मौसम लोगों के लिए राहत भरा हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के हालिया पूर्वानुमान के अनुसार, इस बार मई में तापमान सामान्य स्तर पर रहने की संभावना है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। इसके साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है, जो मौसम को और भी सुहावना बना सकती है।


मौसम विभाग की भविष्यवाणी

मौसम विभाग के अनुसार, मई में वर्षा की गतिविधियां सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। यह अनुमान दीर्घकालिक औसत (LPA) के 110 प्रतिशत से अधिक वर्षा की संभावना को दर्शाता है। LPA का अर्थ है किसी क्षेत्र में लंबे समय (लगभग 30-50 वर्ष) के दौरान दर्ज औसत वर्षा। 1971 से 2020 के आंकड़ों के अनुसार, मई में देशभर में औसत वर्षा लगभग 61.4 मिमी रही है।


पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता बढ़ी हुई है, जो बारिश और आंधी-तूफान की स्थितियों को जन्म दे सकती है। अरब सागर से आने वाली नमी इन सिस्टम्स को और मजबूत कर रही है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मई में पश्चिमी विक्षोभ और तूफानी गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिल सकती है, हालांकि इसका एल नीनो से सीधा संबंध होना आवश्यक नहीं है।


मानसून के संकेत

मानसून के लिए भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून के 14 से 16 मई के बीच अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य समय के आसपास है। इससे यह उम्मीद बढ़ती है कि मानसून समय पर आगे बढ़ेगा और देश के अन्य हिस्सों में भी जल्द पहुंचेगा।


गर्मी का प्रभाव

हालांकि, कुछ क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक लू वाले दिन देखे जा सकते हैं। विशेष रूप से हिमालय के निचले क्षेत्रों और तटीय राज्यों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। मानसून के आगमन से पहले उत्तर-पश्चिम भारत में कुछ दिनों के लिए उमस और गर्मी बढ़ सकती है।


मई के पहले सप्ताह का पूर्वानुमान

पूर्वानुमान के अनुसार, 7 मई तक देश में बारिश की गतिविधियां सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, मई के दूसरे और चौथे सप्ताह में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ सकता है। 14 से 20 मई के बीच बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिमी हवाएं तेज होने के संकेत हैं, जो मानसून की प्रगति को गति दे सकती हैं।


अप्रैल का मौसम

यदि हम अप्रैल महीने की बात करें, तो यह मिला-जुला रहा। देशभर में औसतन 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश हुई। इसके विपरीत, पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्सों में वर्षा में कमी देखी गई।


मई का संतुलित मौसम

कुल मिलाकर, मई का महीना इस बार संतुलित मौसम लेकर आ सकता है, जहां गर्मी और बारिश का मिश्रण देखने को मिलेगा, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।