क्या मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कमी है? जानें अफवाहों का सच
मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की अफवाहों का असर
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का प्रभाव अब भारत के कुछ हिस्सों में अफवाहों के रूप में देखने को मिल रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है, फिर भी लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल को लेकर अचानक हलचल देखने को मिली। अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं, और कुछ स्थानों पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लोगों के बीच धक्का-मुक्की और झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो गई।
शाजापुर में सप्लाई रुकने पर मची अफरा-तफरी
शाजापुर में मंगलवार रात पेट्रोल-डीजल की स्थिति अचानक बदल गई। शहर के पांच पेट्रोल पंपों में से तीन ने अग्रिम भुगतान नहीं किया था, जिसके कारण उनकी सप्लाई रोक दी गई। जैसे ही यह जानकारी फैली, बाकी पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों इंतजार करते रहे।
सहायक आपूर्ति अधिकारी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि कंपनी अब कैश-क्रेडिट पर ईंधन दे रही है, लेकिन जिले में कुल मिलाकर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कलेक्टर ऋजु बाफना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की उपलब्धता सामान्य है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक भंडारण से बचने का आग्रह किया।
इंदौर में अफवाहों से लगी लंबी कतारें
इंदौर में सोशल मीडिया पर पेट्रोल खत्म होने की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं। जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिली, वे बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए, जिससे शहरभर में कई जगहों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
देवास में अफवाहों ने बिगाड़ा माहौल
देवास जिले के पीपलरावां थाना क्षेत्र के चौबाराधीरा गांव में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैलते ही हड़कंप मच गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में केन और डिब्बे लेकर पेट्रोल पंप पहुंचे। ईंधन पहले लेने की होड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई।
देवास शहर में भी दिनभर पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई। हालात ऐसे थे कि जो लोग सामान्यतः कम मात्रा में पेट्रोल भरवाते थे, वे भी आशंका के चलते 500 से 1000 रुपये तक का पेट्रोल भरवाने के लिए घंटों लाइन में लगे रहे।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से रहें दूर
प्रशासन ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, संयम बनाए रखें और शांति बनाए रखें।
पुलिस प्रशासन भी सतर्क नजर आया। देर रात तक पेट्रोल पंपों पर निगरानी रखी गई। एसपी पुनीत गेहलोद खुद मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईंधन की कोई कमी नहीं है।
