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क्या सर्दी फिर से लौट रही है? जानें 17 से 22 जनवरी के मौसम का हाल

भारत में 17 से 22 जनवरी के बीच सर्दी का मौसम फिर से सक्रिय होने वाला है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान पश्चिमी हिमालय से लेकर उत्तरी मैदानी इलाकों में मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। हल्की बारिश और बर्फबारी के साथ-साथ घना कोहरा भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। जानें इस अवधि में विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का हाल और क्या-क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।
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क्या सर्दी फिर से लौट रही है? जानें 17 से 22 जनवरी के मौसम का हाल

सर्दी का असर: 17 से 22 जनवरी का पूर्वानुमान


नई दिल्ली: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में 17 से 22 जनवरी, 2026 के बीच सर्दी का प्रभाव फिर से देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के हालिया बुलेटिन के अनुसार, इस अवधि में पश्चिमी हिमालय से लेकर उत्तरी मैदानी इलाकों में मौसम में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में घना से अत्यधिक घना कोहरा और शीत लहर लोगों के लिए समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं। हालांकि, देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, लेकिन क्षेत्रीय स्तर पर इसके प्रभाव अलग-अलग होंगे।


पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी

मौसम विभाग द्वारा 16 जनवरी को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 17 से 22 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में रुक-रुक कर वर्षा और हिमपात हो सकता है। यह सर्दियों में सामान्य गतिविधि मानी जा रही है, लेकिन इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड और बढ़ सकती है।


उत्तर भारत में हल्की बारिश की संभावना

रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में 18, 19 और 22 जनवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 19 और 22 जनवरी को छिटपुट बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 22 जनवरी को हल्की बारिश की उम्मीद है। हालांकि, बारिश की तीव्रता अधिक नहीं होगी, लेकिन पहले से मौजूद ठंड और कोहरे के साथ मिलकर यह मौसम को और ठंडा बना सकती है।


पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसम परिवर्तन के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की महत्वपूर्ण भूमिका है। सर्दियों में यह विक्षोभ उत्तर भारत में बादल, बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव लाता है। इसके प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।


दक्षिण भारत में बारिश में कमी

दक्षिण भारत में मौसम का रुख थोड़ा भिन्न रहने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश अब धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 17 और 18 जनवरी के दौरान बारिश में कमी देखने को मिल सकती है। यह इन क्षेत्रों में शुष्क शीतकालीन मौसम की शुरुआत का संकेत है।


न्यूनतम तापमान में वृद्धि

लगातार ठंड के बाद अब कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत में 17 से 19 जनवरी के बीच तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद 20 से 23 जनवरी के दौरान तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है।


घना कोहरा: एक बड़ी चुनौती

उत्तरी और पूर्वी भारत में घना से बहुत घना कोहरा बड़ी समस्या बन सकता है। उत्तराखंड में 18 जनवरी तक और कुछ क्षेत्रों में 21 जनवरी तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी कई स्थानों पर 22 जनवरी तक कोहरा बना रह सकता है।


शीत लहर और ठंडे दिन

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई राज्यों में शीत लहर की स्थिति बनी रह सकती है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 17 जनवरी को, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 और 18 जनवरी को शीत लहर चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी मध्य प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भी ठंड का असर तेज रह सकता है।