क्या है देशभर में केमिस्टों की हड़ताल का कारण? जानें पूरी कहानी
नई दिल्ली में दवा दुकानों पर हड़ताल का असर
नई दिल्ली: आज देशभर में दवा की दुकानों पर हड़ताल का प्रभाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस हड़ताल में 15 लाख से अधिक केमिस्ट और ड्रगिस्ट शामिल होंगे।
ऑनलाइन दवा बिक्री पर केमिस्टों का विरोध
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) का कहना है कि ई-फार्मेसी कंपनियों की अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स के व्यवसाय को प्रभावित कर रही है। संगठन का मानना है कि इससे न केवल छोटे दवा व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
केमिस्ट एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
1. GSR 817 अधिसूचना वापस लेने की मांग: केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री से संबंधित अधिसूचना GSR 817 को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
2. कोरोना काल के नियम समाप्त करने की मांग: संगठन ने महामारी के दौरान लागू की गई अधिसूचना GSR 220 को समाप्त करने की भी मांग की है।
3. डीप डिस्काउंटिंग पर रोक लगाने की मांग: AIOCD का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर रोक लगाई जाए।
राज्यों में हड़ताल की स्थिति
हालांकि, इस हड़ताल के प्रति सभी राज्यों में एक समान प्रतिक्रिया नहीं है। कई राज्य स्तरीय फार्मेसी संगठनों ने हड़ताल से दूरी बना ली है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख के रीटेल फार्मेसी एसोसिएशंस ने आश्वासन दिया है कि उनके राज्यों में मेडिकल स्टोर्स खुले रहेंगे।
प्रशासन की तैयारी और मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
हड़ताल को देखते हुए विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य विभाग और ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन अलर्ट मोड पर हैं। चंडीगढ़ में केमिस्ट एसोसिएशन ने बंद का समर्थन किया है, लेकिन प्रशासन ने कुछ मेडिकल स्टोर्स को 24 घंटे खुला रखने की व्यवस्था की है।
तेलंगाना में डीसीए ने जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है और बड़े कॉर्पोरेट मेडिकल स्टोर्स को खुला रखने के निर्देश दिए हैं।
कौन से प्रदेश में हड़ताल का असर अधिक?
कर्नाटक में 20 हजार से अधिक केमिस्ट इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं, जबकि मध्य प्रदेश में AIOCD से जुड़े 52 जिला संगठन हड़ताल का हिस्सा बनेंगे। CDSCO के अधिकारियों ने कहा है कि वे खुदरा केमिस्टों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
