खाड़ी देशों में तेल उत्पादन में भारी कमी: होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रभाव
क्रूड उत्पादन में 57 प्रतिशत की गिरावट
अमेरिका और इजरायल के हमलों का असर
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद, ईरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। इस स्थिति ने वैश्विक सप्लाई चेन को गंभीर रूप से प्रभावित किया और खाड़ी देशों के तेल उत्पादन में भारी कमी आई। गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र का तेल उत्पादन 14.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन, यानी लगभग 57 प्रतिशत तक घट गया है।
भविष्य की संभावनाएं
जलडमरूमध्य के खुलने पर उत्पादन में सुधार
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित रूप से फिर से खुल जाता है, तो खाड़ी देशों का कच्चा तेल उत्पादन कुछ महीनों में सामान्य हो सकता है। हालांकि, युद्ध से पहले के स्तर पर लौटने में अधिक समय लग सकता है, खासकर यदि पश्चिम एशिया में तनाव बना रहता है। गोल्डमैन सैक्स ने यह भी कहा कि यदि तेल परिसंपत्तियों पर नए हमले नहीं होते हैं और जलडमरूमध्य जल्दी खुलता है, तो उत्पादन में तेजी से वृद्धि हो सकती है।
उत्पादन क्षमता में कमी
130 मिलियन बैरल की खाली टैंकर क्षमता
हालांकि, उत्पादन बहाली की गति परिवहन व्यवस्था, पाइपलाइन क्षमता, खाली टैंकरों की उपलब्धता और तेल क्षेत्रों में मरम्मत कार्यों पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के बाद खाड़ी क्षेत्र में खाली टैंकर क्षमता लगभग 50 प्रतिशत घटकर 130 मिलियन बैरल रह गई है। सऊदी अरामको और संयुक्त अरब अमीरात के पास अतिरिक्त उत्पादन क्षमता है, जिसका उपयोग बाजार को स्थिर करने में किया जा सकता है। लेकिन लंबे समय तक बंदी की स्थिति में पूरी बहाली में कई तिमाहियां लग सकती हैं।
