गंगासागर मेले में आग लगने से अस्थायी टेंट जलकर राख, भाजपा ने उठाए सवाल
गंगासागर मेले में आग की घटना
गंगासागर: पश्चिम बंगाल के गंगासागर में आयोजित एक बड़े मेले में शुक्रवार सुबह आग लग गई, जिससे कई अस्थायी टेंट जलकर खाक हो गए। इस घटना ने मेले में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया। दमकल विभाग की गाड़ियों ने कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रोड नंबर 2 पर कपिल मुनि मंदिर के सामने हुई, जहां मेले से पहले अस्थायी टेंट लगाए गए थे। आग लगने से कई टेंट नष्ट हो गए, लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस घटना ने गंगासागर मेले से पहले सुरक्षा और अग्निशामक उपायों पर सवाल उठाए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रशासन के तहत गंगासागर मेले में लगातार अव्यवस्था की यह एक और उदाहरण है।
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह कोई अकेली घटना नहीं है। यह एक चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा है। हर साल गंगासागर मेला अव्यवस्था, खराब योजना और जन सुरक्षा के प्रति लापरवाही के लिए जाना जाता है। पहले भी भगदड़ में कई लोगों की जान गई है। इस बार मेले के सबसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में से एक में भीषण आग लगी।"
उन्होंने आगे कहा, "जब लाखों श्रद्धालु एक पवित्र स्थान पर इकट्ठा होते हैं, तो बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, आपातकालीन निकास, भीड़ प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"
अमित मालवीय ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल को यह सवाल करना चाहिए कि कितनी चेतावनियों को नजरअंदाज किया जाएगा? राज्य सरकार गंगासागर को केवल फोटो-ऑप कार्यक्रम मानना बंद करके इसे एक गंभीर प्रशासनिक जिम्मेदारी के रूप में कब लेगी? कितनी और दुर्घटनाएं या त्रासदियां होंगी? उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म को सम्मान मिलना चाहिए और भक्तों को सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। इसके बजाय, उन्हें हर साल लापरवाही का सामना करना पड़ता है।
