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गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की यात्रा का शुभारंभ, पीएम मोदी के नाम से हुई पूजा

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले गए, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के नाम से पूजा की गई। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु पहुंचे और चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सभी देशवासियों से यात्रा पर आने की अपील की है। यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जानें इस यात्रा के बारे में और अधिक जानकारी।
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गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की यात्रा का शुभारंभ, पीएम मोदी के नाम से हुई पूजा

गंगोत्री-यमुनोत्री धाम का उद्घाटन


अक्षय तृतीया के अवसर पर, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत आरंभ हुआ। पहले दिन ही हजारों भक्त इन धामों में पहुंचे। गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:15 बजे खोले गए, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी शामिल हुए। इसके बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12:35 बजे खोले गए।


प्रधानमंत्री मोदी के नाम से हुई पूजा

दोनों धामों में सबसे पहले पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई, जिसमें देश की सुख-शांति की कामना की गई। गंगोत्री में पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई। यमुनोत्री के पुजारी के अनुसार, दोपहर तक लगभग 5000 भक्त धाम में मौजूद थे।


चारधाम यात्रा के लिए अपील

सीएम धामी ने सभी देशवासियों से चारधाम यात्रा पर आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 22 और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, जो ऑनलाइन या हरिद्वार, ऋषिकेश और विकासनगर में ऑफलाइन किया जा सकता है।


यात्रियों की सुरक्षा के लिए इंतजाम

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए दो सुपरजोन, 12 जोन और 30 सेक्टर में बांटा गया है। यात्रा मार्गों पर 6 थाने, 9 रिपोर्टिंग चौकियां और 12 पर्यटन पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी यात्रियों की सुविधा के लिए कई चिकित्सकों की तैनाती की है।


बाबा केदार की डोली का आगमन

बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली रुद्रप्रयाग जिले के ओंकारेश्वर मंदिर से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गई है। डोली का पहला पड़ाव फाटा होगा और यह 21 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी, जहां अगले दिन कपाट खोले जाएंगे।