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गर्मी की लहर से प्रभावित देश, डब्ल्यूएचओ ने दिए सुरक्षा उपाय

देशभर में गर्मी की लहर से लोग परेशान हैं, तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। डब्ल्यूएचओ ने गर्मी से संबंधित बीमारियों के लक्षणों और बचाव के उपाय साझा किए हैं। जानें कैसे आप और आपका परिवार इस गर्मी में सुरक्षित रह सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान दें और समय पर सावधानी बरतें।
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गर्मी की लहर से प्रभावित देश, डब्ल्यूएचओ ने दिए सुरक्षा उपाय

गर्मी का प्रकोप और स्वास्थ्य संबंधी सलाह

नई दिल्ली - देशभर में गर्मी की तीव्रता बढ़ती जा रही है। हीटवेव, उमस और तेज धूप के कारण लोगों की स्थिति गंभीर हो गई है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है, जिससे दैनिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस स्थिति में केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य संबंधी सलाह जारी कर रही हैं। इसी बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गर्मी से संबंधित बीमारियों के लक्षणों और उनसे बचने के उपाय साझा किए हैं।


डब्ल्यूएचओ ने लोगों को गर्मी से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है। हीटवेव के दौरान यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ महसूस करे, तो उसे तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए। गर्मी से होने वाली बीमारियों के प्रमुख लक्षणों में चक्कर आना, कमजोरी, थकान, घबराहट, तेज प्यास और सिरदर्द शामिल हैं। ये लक्षण शरीर में गर्मी बढ़ने और डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।


डब्ल्यूएचओ ने कुछ सरल बचाव उपाय भी बताए हैं - जैसे ही इन लक्षणों का अनुभव हो, तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर जाएं। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए नियमित रूप से पानी पीते रहें। बाहर जाते समय हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। विशेष रूप से सूती कपड़े पहनना फायदेमंद होता है। दोपहर के सबसे गर्म समय, यानी 12 बजे से 4 बजे तक, बाहर जाने से बचें।


सरकार भी लोगों से अपील कर रही है कि वे अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सावधानी बरतने से गर्मी से होने वाली गंभीर बीमारियों, जैसे हीट स्ट्रोक, से बचा जा सकता है। देश के कई हिस्सों में दिन का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है, जिससे कामकाजी लोगों, किसानों और छोटे बच्चों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है।