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गर्मी में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सावधानियां

गर्मी का मौसम उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस लेख में, डॉक्टर दिक्षा गोयल ने गर्मी में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। पानी की कमी, खानपान में बदलाव और दवाओं के सेवन में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर चर्चा की गई है। जानें कि कैसे आप इस गर्मी में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं और रक्तचाप को नियंत्रित कर सकते हैं।
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गर्मी में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सावधानियां

गर्मी का असर और स्वास्थ्य पर प्रभाव

गुरुग्राम, 10 मई। सूरज की तेज गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। यह मौसम न केवल सामान्य व्यक्तियों के लिए कठिन है, बल्कि उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती बन गया है। मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स की कंसल्टेंट और आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ, डॉक्टर दिक्षा गोयल ने चेतावनी दी है कि तेज धूप और लू का सीधा असर हृदय प्रणाली पर पड़ता है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही दिल और मस्तिष्क की नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।


पानी की कमी और रक्तचाप का संबंध

गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए अधिक पसीना निकलता है, जिससे न केवल पानी बल्कि आवश्यक मिनरल्स जैसे सोडियम और पोटेशियम भी निकल जाते हैं। डॉक्टर दिक्षा के अनुसार, जब रक्त में पानी की मात्रा कम होती है, तो रक्त गाढ़ा हो जाता है, जिससे दिल को इसे पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इस स्थिति में रक्तचाप असामान्य हो सकता है। इसलिए, केवल प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि हर आधे घंटे में पानी पीते रहें।


क्या पीना चाहिए और किन चीजों से बचें?

उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए गर्मी में केवल पानी पीना पर्याप्त नहीं है। इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए नारियल पानी, ताजा छाछ और नींबू पानी बेहतरीन विकल्प हैं। नारियल पानी में प्राकृतिक पोटेशियम होता है, जो रक्तचाप को स्थिर रखने में मदद करता है। हालांकि, पैकेट बंद जूस, अधिक चीनी वाली कोल्ड ड्रिंक्स और कैफीन से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को हाइड्रेट करने के बजाय आंतरिक गर्मी बढ़ाते हैं।


धूप में रहने का समय और खानपान में बदलाव

गर्मी की लहर के दौरान, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक की धूप सबसे खतरनाक होती है। इस समय अल्ट्रावॉयलेट किरणें और तापमान अपने उच्चतम स्तर पर होते हैं, जो तनाव हार्मोन को सक्रिय कर देते हैं। यदि बाहर निकलना आवश्यक हो, तो छाता या सिर ढकने के लिए कपड़ा साथ रखें। खानपान में नमक की मात्रा कम करें और तली-भुनी चीजों के बजाय खीरा, तरबूज और संतरा जैसे फल शामिल करें। ये फल न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं, बल्कि फाइबर के माध्यम से रक्तचाप को भी नियंत्रित करते हैं।


दवाओं में लापरवाही से बचें

गर्मी में पसीना आने के कारण कुछ मरीजों का रक्तचाप कम हो सकता है, जिससे वे दवा लेना बंद कर देते हैं। यह एक खतरनाक कदम है। डॉक्टर दिक्षा गोयल ने स्पष्ट किया है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं की खुराक में बदलाव न करें। घर पर नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करें और किसी भी बदलाव को रिकॉर्ड करें। यदि अचानक चक्कर आएं, सिर में भारीपन महसूस हो या सांस लेने में कठिनाई हो, तो इसे गर्मी की थकान समझने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।