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गुजरात ATS ने सोशल मीडिया से जुड़े आतंकवादी साजिश में दो युवकों को गिरफ्तार किया

गुजरात आतंकवाद-रोधी दस्ता (ATS) ने हाल ही में दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल थे। ये युवक भारत में हमले करने की योजना बना रहे थे और पिछले सात महीनों से WhatsApp और Instagram पर सक्रिय थे। उनकी पहचान इरफान खान पठान और मु्र्शिद जाहिद अख्तर शेख के रूप में हुई है। इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियाँ पेश की हैं, क्योंकि ये युवक बिना किसी विदेशी संपर्क के ऑनलाइन सामग्री के माध्यम से कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहे थे।
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गुजरात ATS ने सोशल मीडिया से जुड़े आतंकवादी साजिश में दो युवकों को गिरफ्तार किया

गुजरात ATS की कार्रवाई


गुजरात आतंकवाद-रोधी दस्ता (ATS): गुजरात में ATS ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये आरोपी भारत में हमले करने, हथियार और धन जुटाने की योजना बना रहे थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह साजिश सोशल मीडिया के माध्यम से तैयार की जा रही थी।


ATS की जांच, जिसका नेतृत्व डिप्टी एसपी वीरजीत सिंह परमार कर रहे थे, में यह पता चला कि दोनों युवक पिछले लगभग 7 महीनों से WhatsApp और Instagram पर सक्रिय थे। वे 12-13 लोगों के एक बेहद करीबी समूह का हिस्सा थे, जहां ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसे कट्टरपंथी विचारों पर चर्चा होती थी। रिपोर्टों के अनुसार, यह समूह ISIS जैसे आतंकवादी संगठनों की विचारधारा से प्रभावित था और ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़े कट्टरपंथी सामग्री का अनुसरण कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी किसी विदेशी हैंडलर के संपर्क में नहीं थे, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से स्वयं को “सेल्फ-रेडिकलाइज्ड” कर चुके थे, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बनता जा रहा है।


गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इरफान खान पठान और मु्र्शिद जाहिद अख्तर शेख के रूप में हुई है। 22 वर्षीय इरफान सिद्धपुर का निवासी है, जिसने मेहसाणा से MSc केमिस्ट्री की पढ़ाई की है और वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वहीं, 21 वर्षीय मु्र्शिद जाहिद बिहार का निवासी है, जिसने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और मुंबई में अपने भाई के साथ बिरयानी की दुकान पर काम करता था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।


ATS ने एक विशेष सूचना के आधार पर कार्रवाई की। स्थानीय पुलिस की सहायता से एक आरोपी को सिद्धपुर से और दूसरे को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल, दोनों के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं का कट्टरपंथ की ओर झुकाव सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा बनता जा रहा है। बिना किसी सीधे संपर्क के, केवल ऑनलाइन सामग्री के माध्यम से इस तरह का “सेल्फ-रेडिकलाइजेशन” देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई और गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है।