गुजरात में राजकोट बैंक घोटाले का खुलासा: 2500 करोड़ का साइबर फ्रॉड
प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों की गिरफ्तारी
गुजरात में बड़े साइबर फ्रॉड का मामला
गुजरात में तीन प्रमुख प्राइवेट बैंकों में हुए साइबर फ्रॉड के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में 85 बैंक खातों की पहचान की है और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर 535 शिकायतें दर्ज की गई हैं। प्रारंभिक जांच में इस धोखाधड़ी की राशि 1,500 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन अब यह आंकड़ा 2,500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ी
इस घोटाले में संलिप्तता के आरोप में तीन बैंकों के अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 20 हो गई है। राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में यस बैंक के पर्सनल मैनेजर मौलिक कमानी, एक्सिस बैंक के मैनेजर कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक के पर्सनल बैंकर अनुराग बलधा शामिल हैं।
पुलिस की जांच में नए खुलासे
पुलिस के अनुसार, डांगरिया और बलधा पहले यस बैंक में कार्यरत थे। मौलिक कमानी ने संदिग्ध बैंक खातों को खोलने और उनके संचालन में मदद की। उन्होंने उच्च-मूल्य वाले लेनदेन पर बैंकिंग अलर्ट से बचने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जमा किए। इसके अलावा, कमानी नकद निकासी कर उसे हवाला के माध्यम से ट्रांसफर करने में भी शामिल थे।
कल्पेश डांगरिया पर फर्जी पहचान का उपयोग करके धोखाधड़ी वाले खाते खोलने का आरोप है। उन्होंने ऐसे दस्तावेज तैयार किए कि बैंक सिस्टम संदिग्ध लेनदेन को पकड़ न सके। अनुराग बलधा ने नए बैंक खातों को खोलने के लिए सत्यापन प्रक्रियाओं को पूरा किया।
