गुरमीत राम रहीम को 40 दिन की पैरोल, जेल से बाहर निकलने की तैयारी
राम रहीम को मिली पैरोल
रोहतक: साध्वी यौन शोषण और पत्रकार हत्या के मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर से बड़ी राहत मिली है। प्रशासन ने उनकी 40 दिन की पैरोल अर्जी को मंजूरी दे दी है। अब वह रोहतक की सुनारिया जेल से किसी भी समय बाहर आ सकते हैं और सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के लिए रवाना होंगे। यह उनकी 2026 की शुरुआत में पहली रिहाई है।
राम रहीम को यह पैरोल डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु शाह सतनाम जी के जन्म माह के अवसर पर दी गई है, जो डेरा समर्थकों के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है। पैरोल की सूचना मिलते ही सिरसा स्थित डेरे में हलचल तेज हो गई है और वहां उसके स्वागत के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। पिछले 8 वर्षों में यह 15वां अवसर है जब राम रहीम जेल से बाहर आ रहे हैं। इस बार की रिहाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इससे पहले भी राम रहीम को कई मौकों पर जेल से राहत मिल चुकी है। पिछले साल अप्रैल में उन्हें 21 दिनों की फरलो और जनवरी में 30 दिनों की पैरोल दी गई थी। पिछली बार भी उन्हें 40 दिनों की पैरोल मिली थी, और इस बार भी वही अवधि मंजूर की गई है। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी उनकी रिहाई पर सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा आपत्तियां उठने की संभावना है।
यह ध्यान देने योग्य है कि राम रहीम अगस्त 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं। उन्हें दो साध्वियों के साथ बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। उस समय सजा के ऐलान के बाद पंचकूला और सिरसा में भयंकर हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें लगभग 40 लोगों की जान गई थी। इसके अलावा, 2019 में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इन गंभीर आरोपों के बावजूद बार-बार मिल रही पैरोल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है।
