गुरमीत राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, फिर से जेल से बाहर
गुरमीत राम रहीम की पैरोल
रेप और हत्या के मामलों में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गए हैं। हरियाणा सरकार ने उन्हें 30 दिन की पैरोल दी है, जिसके चलते मंगलवार सुबह उन्हें रोहतक की सुनारिया जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच रिहा किया गया। जानकारी के अनुसार, इस पैरोल के दौरान वह उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम में रहेंगे।
सजा और पैरोल का इतिहास
गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में दो साध्वियों के साथ रेप के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उन्हें दोषी ठहराया गया था। जेल में रहते हुए उन्हें लगातार पैरोल और फर्लो मिलती रही है। अब तक वह 15 बार जेल से बाहर आ चुके हैं और यह उनकी 16वीं रिहाई है।
पिछले 5 महीनों में दूसरी बार रिहाई
राम रहीम की लगातार रिहाई पर सवाल उठते रहे हैं। इस साल जनवरी में भी वह पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह 5 जनवरी को 40 दिन की पैरोल पर रिहा हुए थे, जब शाह सतनाम दिवस मनाया जा रहा था। उस समय भी वह सिरसा में डेरा के मुख्यालय में रहे थे। इस बार भी वह बागपत के आश्रम में ही रहेंगे।
रिहाई का समय
गुरमीत राम रहीम को आज 16वीं बार रिहाई मिली है। पहली बार अक्टूबर 2020 में उन्हें मां से मिलने के लिए एक दिन की पैरोल दी गई थी। इसके बाद मई 2021 में 12 घंटे की विशेष पैरोल, फरवरी 2022 में 21 दिन की फर्लो, और जून 2022 में 30 दिन की पैरोल मिली। 2023 में भी उन्हें कई बार पैरोल मिली, जिसमें जनवरी में 40 दिन, जुलाई में 30 दिन और नवंबर में 21 दिन शामिल हैं। इस साल कुल मिलाकर वह 70 दिन जेल से बाहर रहेंगे।
राजनीतिक विवाद
राम रहीम की रिहाई को लेकर राजनीतिक विवाद भी उठते रहे हैं। विपक्षी दलों और सिख संगठनों ने आरोप लगाया है कि चुनावों के समय उन्हें पैरोल देकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जाती है। हरियाणा सरकार का कहना है कि पैरोल और फर्लो कानून के तहत दी जाती हैं और हर कैदी को इसका अधिकार है।
