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गुरमीत राम रहीम को मिली 40 दिन की पैरोल: जानें क्या है मामला?

गुरमीत राम रहीम सिंह, डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख, को 40 दिन की पैरोल मिली है। यह उनकी जेल से बाहर आने की 15वीं बार है, जो साध्वियों से दुष्कर्म और पत्रकार हत्या के मामलों में सजा काट रहे हैं। जानें इस पैरोल के दौरान उनके गतिविधियों की अनुमति और उनके पिछले पैरोल के इतिहास के बारे में।
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गुरमीत राम रहीम को मिली 40 दिन की पैरोल: जानें क्या है मामला?

गुरमीत राम रहीम की पैरोल की जानकारी


रोहतक: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह, जो रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे हैं, को एक बार फिर जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है। उन्हें साध्वियों के साथ दुष्कर्म और पत्रकार हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस बार उन्हें 40 दिन की पैरोल दी गई है।


सूत्रों के अनुसार, राम रहीम इस अवधि में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में ही रहेंगे। उन्हें आज दोपहर लगभग 12 बजे जेल से रिहा किया जाएगा।


जेल से बाहर आने का 15वां मौका

गुरमीत राम रहीम का जेल से बाहर आना अगस्त 2017 में रेप केस में दोषी ठहराए जाने के बाद 15वीं बार है। इससे पहले, उन्होंने 15 अगस्त को अपना जन्मदिन मनाने के लिए भी पैरोल पर बाहर आने का मौका पाया था।


उन्हें अप्रैल 2025 में 21 दिन की पैरोल और जनवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 30 दिन की पैरोल दी गई थी। उस समय भी वह सिरसा में ही रहे थे।


दुष्कर्म के मामलों में सजा

गुरमीत राम रहीम फिलहाल साध्वियों से दुष्कर्म के दो मामलों में 20 साल की सजा काट रहे हैं। पंचकूला की विशेष अदालत ने अगस्त 2017 में उन्हें दोषी ठहराया था और प्रत्येक पीड़िता को 15-15 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था।


सजा के बाद, उनके समर्थकों ने पंचकूला और सिरसा में हिंसक प्रदर्शन किए, जिसमें 40 से अधिक लोगों की जान गई। प्रशासन ने उन्हें चॉपर के जरिए रोहतक की सुनारिया जेल में भेजा था।


पैरोल के दौरान संवाद की अनुमति

पैरोल के दौरान, राम रहीम को डेरा में भीड़ इकट्ठा करने की अनुमति नहीं है, लेकिन वह वर्चुअल माध्यम से अपने अनुयायियों से संवाद कर सकते हैं। पहले भी, पैरोल पर बाहर आने के बाद उन्होंने वीडियो संदेशों के जरिए अपने समर्थकों से जुड़ने का प्रयास किया है।


पैरोल का इतिहास

गुरमीत राम रहीम को अब तक कई बार पैरोल दी जा चुकी है:


24 अक्टूबर 2020 - 1 दिन


21 मई 2021 - 12 घंटे


7 फरवरी 2022 - 21 दिन


जून 2022 - 30 दिन


14 अक्टूबर 2022 - 40 दिन


21 जनवरी 2023 - 40 दिन


20 जुलाई 2023 - 30 दिन


21 नवंबर 2023 - 21 दिन


19 जनवरी 2024 - 50 दिन


13 अगस्त 2024 - 21 दिन


2 अक्टूबर 2024 - 20 दिन


28 जनवरी 2025 - 30 दिन


9 अप्रैल 2025 - 21 दिन


5 अगस्त 2025 - 40 दिन