गुरुकुल में 11 वर्षीय बच्चे की संदिग्ध मौत, आरोपी गिरफ्तार
कानपुर में दिल दहला देने वाली घटना
लखनऊ। कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां 11 वर्षीय दिव्यांश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर 42 गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। उसके हाथ, पैर, पीठ और सीने पर गहरे घाव थे, साथ ही उसके शरीर पर सिगरेट से जलाने के 11 निशान भी मिले हैं।
दिव्यांश के पिता नरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने इकलौते बेटे को 15 अप्रैल को लखनऊ में उसके मामा के पास पढ़ाई के लिए भेजा था। दिव्यांश का दाखिला आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में कराया गया था, जिसका संचालन उसके मामा सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया कर रहे थे। परिजनों को यह नहीं पता था कि जिस पर उन्होंने भरोसा किया, वही उनके बच्चे के लिए खतरा बन जाएगा। आरोपी ने इस घटना को पिछले मंगलवार को अंजाम दिया। पुलिस जांच में पता चला है कि सौरभ ने दिव्यांश के साथ बर्बरता से मारपीट की। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने बच्चे को घंटों धूप में खड़ा रखा और रातभर उसे थप्पड़, लात-घूंसे और डंडों से पीटा। एक जोरदार लात लगने से दिव्यांश दीवार से टकराकर बेहोश हो गया। आरोपी ने बताया कि इसके बाद वह उसे वहीं छोड़कर चला गया और अगले दिन सुबह जब आया, तो दिव्यांश की मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसने परिजनों को बच्चे के बीमार होने की सूचना दी। पोस्टमार्टम में यह भी सामने आया कि बच्चे को किसी भारी वस्तु से लगातार मारा गया, जिससे अंदरूनी चोटें आईं। परिजनों ने कुकर्म की आशंका भी जताई है, जिसके चलते सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सौरभ ने पुलिस को बताया कि दिव्यांश गुरुकुल के नियमों का पालन नहीं करता था, जिससे अन्य बच्चे भी उल्टी सीधी हरकतें करने लगे थे।
घटना को छिपाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, गुरुकुल के सीसीटीवी फुटेज को हटाने में आरोपी की करीबी महिला मित्र प्रियंका की भूमिका सामने आई है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। महिला को आरोपी की प्रेमिका बताया जा रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। मृतक दिव्यांश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।
