Newzfatafatlogo

गुरुग्राम में कड़ाके की ठंड: क्या है इस शीत लहर का कारण?

गुरुग्राम में इस समय कड़ाके की ठंड का सामना किया जा रहा है, जहां तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें शीत लहर और घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। इस लेख में जानें कि कैसे मैदानी क्षेत्र पहाड़ों से भी ठंडे हो गए हैं और आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति कैसी रहने वाली है।
 | 
गुरुग्राम में कड़ाके की ठंड: क्या है इस शीत लहर का कारण?

भीषण शीत लहर का असर


नई दिल्ली: उत्तर भारत इस समय एक गंभीर शीत लहर का सामना कर रहा है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव हरियाणा के गुरुग्राम में देखा जा रहा है। मंगलवार को शहर के निवासियों ने कड़ाके की ठंड का सामना किया। सोमवार को गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 50 वर्षों में से एक सबसे कम तापमान है। यह तापमान कई पहाड़ी क्षेत्रों से भी कम रहा, जिससे मौसम वैज्ञानिक भी चकित रह गए।


इतिहास में सबसे कम तापमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 22 जनवरी 1977 को भी गुरुग्राम में इतना ही न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था। इससे पहले, शहर में इससे कम तापमान बहुत कम बार देखा गया है। दिसंबर 1966 में तापमान -0.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जबकि 1970 और 1979 में भी शून्य के आसपास ठंड दर्ज की गई थी। इस तरह की ठंड गुरुग्राम जैसे मैदानी क्षेत्र में अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है।


मैदानी क्षेत्र की ठंड

पहाड़ों से भी ठंडे रहे मैदानी इलाके

इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग नजर आया है। आमतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक ठंड होती है, लेकिन इस बार मैदानी क्षेत्र उनसे भी अधिक ठंडे रहे। सोमवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और पालमपुर में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रहा, जम्मू में 3.4 डिग्री और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में 4 डिग्री तक तापमान दर्ज किया गया।


दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों का तापमान

दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। हिसार में 2.6 डिग्री, अमृतसर में 1.1 डिग्री, चूरू में 1.3 डिग्री, करनाल में 3.5 डिग्री और मेरठ में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके विपरीत, मसूरी और शिमला जैसे पहाड़ी शहर अपेक्षाकृत गर्म रहे, जहां मसूरी में तापमान 7.7 डिग्री और शिमला में 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा।


पाला और कोहरे की समस्या

पाला, कोहरा और बढ़ती परेशानियां

गुरुग्राम और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पाले की स्पष्ट तस्वीर देखने को मिली। खेतों में फसलों पर बर्फ की परत जम गई, कारों के शीशे जमे हुए नजर आए और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। तमिलनाडु से आए 22 वर्षीय साइट इंजीनियर जीवा थवासिराज ने बताया कि उन्होंने जीवन में इतनी ठंड पहले कभी महसूस नहीं की। वहीं सोहना से आने-जाने वाली सुनीता देवी ने कहा कि कोहरे और पाले के कारण सड़क पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है।


IMD का अलर्ट

IMD का अलर्ट और स्वास्थ्य चेतावनी

मौसम विभाग ने हरियाणा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि शीत लहर, घना कोहरा और पाला अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचने की सलाह दी गई है। लंबे समय तक ठंड में रहने से सांस की बीमारियां, फ्लू और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वाहन चालकों को भी सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


भविष्य का मौसम

आगे कैसा रहेगा मौसम?

आईएमडी के अनुसार, तापमान में अभी तुरंत कोई बड़ी राहत नहीं मिलने वाली है। अगले दो से तीन दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा, इसके बाद धीरे-धीरे तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। 15 जनवरी के बाद पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे बादल छा सकते हैं और कुछ राहत मिल सकती है।