Newzfatafatlogo

गोरेगांव में रिहायशी इमारत में आग, तीन लोगों की मौत

मुंबई के गोरेगांव में एक रिहायशी इमारत में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दम घुटने से मौत हो गई। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अधिकारियों ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह घटना शहरी आग सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती है।
 | 
गोरेगांव में रिहायशी इमारत में आग, तीन लोगों की मौत

गोरेगांव में आग का भयानक हादसा


गोरेगांव: मुंबई के गोरेगांव क्षेत्र में एक आवासीय इमारत में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दम घुटने से मृत्यु हो गई। फायर ब्रिगेड ने आग पर नियंत्रण पा लिया, लेकिन तब तक दो पुरुष और एक महिला की जान जा चुकी थी। यह आग सुबह लगभग 3:06 बजे राजाराम लेन, भगत सिंह नगर में एक मंजिला इमारत में लगी थी।


आग की स्थिति और बचाव कार्य

अधिकारियों के अनुसार, आग ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर लगी, जिससे बिजली की वायरिंग और घरेलू सामान जल गए और यह तेजी से फैल गई। स्थानीय निवासियों ने आग बुझाने के प्रयास में बाल्टियों से पानी डालने की कोशिश की, जिससे फायर ब्रिगेड की टीमों के आने तक कुछ समय मिल गया। इसके बाद, फायर ब्रिगेड ने आग को और फैलने से रोकने के लिए तुरंत बिजली की सप्लाई काट दी।




मौत के कारण और पीड़ितों की पहचान

कोशिश के बावजूद नहीं बचा पाए पीड़ितों को:


फायर ब्रिगेड ने धुएं से भरे घर से तीन लोगों को निकाला, जो गंभीर रूप से जल गए थे। उन्हें तुरंत ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इनकी मृत्यु का कारण अत्यधिक धुएं में दम घुटना बताया गया है। मृतकों में 19 वर्षीय हर्षदा पावस्कर, 12 वर्षीय कुशल पावस्कर और 48 वर्षीय संजोग पावस्कर शामिल हैं।


आग लगने के कारणों की जांच

आग लगने की कारण की जांच जारी:


अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है। जांच में खराब वायरिंग या घर की लापरवाही की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है। यह घटना मुंबई के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शहरी आग सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती है, जिससे सख्त बिल्डिंग नियमों की आवश्यकता महसूस हो रही है।