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ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की कोशिश से नाटो का अस्तित्व खतरे में: मेटे फ्रेडरिकसन

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का प्रयास किया, तो नाटो का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से नाटो की पूरी व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि यह उनके लोगों के प्रति अनादर है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और अमेरिका-डेनमार्क के संबंधों पर इसका प्रभाव।
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ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की कोशिश से नाटो का अस्तित्व खतरे में: मेटे फ्रेडरिकसन

ग्रीनलैंड संकट: अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई


ग्रीनलैंड, जो डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है, नाटो का सदस्य भी है।
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का प्रयास किया, तो नाटो का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। एक टीवी साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका किसी नाटो सदस्य देश पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो यह गठबंधन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की संभावना का उल्लेख किया था। उन्होंने यह टिप्पणी वेनेजुएला पर हमले के संदर्भ में की थी और कहा था कि वह 20 दिनों में ग्रीनलैंड पर चर्चा करेंगे। यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लाने की बात की है।


डेनमार्क और अमेरिका का नाटो में संबंध

डेनमार्क और ग्रीनलैंड, दोनों ही डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा हैं और नाटो के सदस्य हैं। नाटो के तहत, किसी एक सदस्य देश पर हमले को सभी सदस्यों पर हमला माना जाता है। अमेरिका का डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक मजबूत संबंध रहा है।


डेनमार्क नाटो का संस्थापक सदस्य है और 1951 के रक्षा समझौते के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने स्थापित करने की अनुमति है। दोनों देश सुरक्षा, विज्ञान, पर्यावरण और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग करते हैं।


ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री का बयान

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा है कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रीनलैंड को वेनेजुएला से जोड़कर सैन्य हस्तक्षेप की बात करते हैं, तो यह न केवल गलत है बल्कि हमारे लोगों के प्रति अनादर है। उन्होंने 4 जनवरी को एक बयान में कहा कि चिंता का कोई कारण नहीं है।


नीलसन ने कहा कि केटी मिलर के सोशल मीडिया पोस्ट से, जिसमें ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे में लिपटा हुआ दिखाया गया है, कुछ भी नहीं बदलता।


विवाद की शुरुआत

वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी स्टीफन मिलर की पत्नी कैटी मिलर ने ग्रीनलैंड का नक्शा अमेरिकी झंडे के रंग में रंगा हुआ पोस्ट किया। इस पोस्ट ने विवाद को और बढ़ा दिया। मिलर ने अपने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'जल्द ही।' इससे ग्रीनलैंड और डेनमार्क में अमेरिकी कब्जे की आशंकाएं बढ़ गईं।