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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पानी की किल्लत, 600 परिवारों को हो रही परेशानी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में पिछले दो दिनों से पानी की सप्लाई ठप है, जिससे लगभग 600 परिवारों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में लगी मोटरें खराब हैं और टैंकर की व्यवस्था नहीं की जा रही है। बोतलबंद पानी पर निर्भरता बढ़ गई है, जबकि बेसमेंट में पानी जमा होने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। जानें इस संकट के पीछे की वजह और निवासियों की परेशानियों के बारे में।
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पानी की किल्लत, 600 परिवारों को हो रही परेशानी

पानी की आपूर्ति ठप

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में पिछले दो दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद है। इस गंभीर स्थिति के कारण लगभग 600 परिवारों को अपने दैनिक कार्यों के लिए रिश्तेदारों के घरों का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।


टैंकर की व्यवस्था नहीं

न पानी की सप्लाई, न टैंकर का इंतजाम
निवासियों का कहना है कि सोसायटी में मौजूद तीन मोटरों में से दो लंबे समय से खराब हैं। तीसरी मोटर भी बार-बार फेल हो रही है। मेंटेनेंस टीम के पास न तो बैकअप की व्यवस्था है और न ही आपात स्थिति में टैंकर भेजे जा रहे हैं। लोग बताते हैं कि उन्हें हर बार दो घंटे में पानी आने का झूठा आश्वासन दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता में पानी नहीं आता है।


बोतल का पानी बना विकल्प

बोतल का पानी बना सहारा
इस कठिनाई में लोग रोजमर्रा के कामों के लिए बोतलबंद पानी का उपयोग कर रहे हैं। कुछ परिवारों ने आस-पास की सोसायटी में रहने वाले रिश्तेदारों के घर जाकर नहाने-धोने और खाना बनाने जैसे कार्य करने शुरू कर दिए हैं। पानी की कमी ने उनकी सामान्य जिंदगी को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।


बेसमेंट में पानी जमा

बेसमेंट बना तालाब, बीमारियों का खतरा
सोसायटी में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, लेकिन बेसमेंट और पार्किंग एरिया पानी से भरे हुए हैं। वहां जमा गंदगी और पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। अब तक डेंगू के एक-दो मामलों की पुष्टि भी हो चुकी है।


बिल्डर की लापरवाही

बिल्डर की लापरवाही से हालात बदतर
सोसायटी के निवासी प्रतीक और अनुप ने बताया कि यह सब सोसायटी प्रबंधन और बिल्डर की लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन न तो कोई स्थायी समाधान किया गया है और न ही किसी समस्या को गंभीरता से लिया गया है।