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ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट में बदलाव: अब सिर्फ 5 स्टेशन होंगे

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो प्रोजेक्ट में हाल ही में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत स्टेशनों की संख्या 11 से घटकर 5 हो गई है। यह निर्णय नोएडा एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल के कारण लिया गया है। नए रूट की लंबाई 7.5 किलोमीटर होगी और इसमें 5 स्टेशन शामिल होंगे। इसके अलावा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अन्य मेट्रो रूटों को भी मंजूरी मिल चुकी है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव के बारे में।
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट में बदलाव: अब सिर्फ 5 स्टेशन होंगे

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट में नया मोड़


नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो परियोजना में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। अब इस रूट पर मेट्रो स्टेशनों की संख्या 11 से घटकर केवल 5 रह गई है। यह बदलाव नोएडा एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल के कारण किया गया है। केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल निगम को नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया है। इससे उम्मीद है कि परियोजना की गति बढ़ेगी और लागत में कमी आएगी।


रूट में बदलाव का कारण

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की जनसंख्या 5.5 लाख से अधिक है, और यहां के निवासी लंबे समय से मेट्रो सेवा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को उठाया था। पहले प्रस्तावित रूट सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए नॉलेज पार्क-5 तक था।


इसमें 11 स्टेशन शामिल थे, लेकिन गाजियाबाद-दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल और नोएडा एयरपोर्ट तक नमो भारत ट्रेन के प्रस्ताव के चलते समस्या उत्पन्न हुई। दोनों रूट एक-दूसरे के समानांतर बन रहे थे, इसलिए केंद्र ने रूट में बदलाव का निर्णय लिया और नई डीपीआर बनाने का निर्देश दिया।


नए रूट पर स्टेशन की संख्या

नए प्रस्ताव के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट अब 7.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें पांच स्टेशन होंगे: सेक्टर 61, सेक्टर 70, सेक्टर 122, सेक्टर 123 और किसान चौक के पास सेक्टर 4। इस परियोजना पर लगभग 1050 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।


नोएडा के अन्य मेट्रो प्रोजेक्ट

नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में दो और मेट्रो रूट को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। पहला रूट बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर 142 तक है, जो 11.56 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसमें 8 स्टेशन होंगे: बोटेनिकल गार्डन, सेक्टर 44, नोएडा ऑफिस, सेक्टर 97, सेक्टर 105, सेक्टर 108, सेक्टर 93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज। इस पर 2254 करोड़ रुपये खर्च होंगे।


दूसरा छोटा रूट ग्रेनो डिपो से बोड़ाकी तक है, जो केवल 2.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें दो स्टेशन होंगे: बोड़ाकी और जुनपत गांव। इसकी लागत 416 करोड़ रुपये बताई गई है। बोड़ाकी में रेलवे स्टेशन और कार्गो हब का विकास भी किया जा रहा है।


दोनों रूटों के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है और डिजाइन सर्वे का कार्य चल रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए यह बदलाव सकारात्मक समाचार हो सकता है। यदि नई डीपीआर को शीघ्र मंजूरी मिल जाती है, तो मेट्रो का सपना जल्द ही साकार हो सकता है।