चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या: मास्टरमाइंड गिरफ्तार
चंडीगढ़ में हत्या का मामला
चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड अमरीन राय को गिरफ्तार किया है, जो पंजाब के एक एडीजीपी की भाभी बताई जा रही हैं और सेक्टर-35 चंडीगढ़ की निवासी हैं।
पुलिस की जांच से पता चला है कि हत्या का कारण प्रॉपर्टी लेनदेन में विवाद था। अमरीन का आरोप था कि चमनप्रीत ने न्यू चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी के सौदे में धोखाधड़ी की, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हुआ। इसी रंजिश के चलते उसने हत्या की योजना बनाई।
जांच में यह भी सामने आया कि अमरीन ने गैंगस्टर लकी पाटियाल के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की योजना बनाई। मोहाली के गांव कैम्बाला के प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह ने इस साजिश में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उसने एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अमरीन और गैंगस्टर के बीच संपर्क स्थापित किया। हत्या के लिए बड़ी रकम का वादा किया गया था।
29 अप्रैल 2026 को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर मलोया स्थित सत्संग भवन के पास नाकाबंदी की गई। संदिग्ध गतिविधियों के चलते हर्षप्रीत सिंह (27) को रोका गया। उसकी तलाशी में एक विदेशी .45 बोर पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि यह पिस्टल अमरीन के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिससे उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई। हर्षप्रीत के बयान के बाद पुलिस ने मामले को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जोड़कर जांच तेज कर दी।
पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर लकी पाटियाल ने पूरी साजिश को अंजाम दिया। उसने शूटरों रंजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम को हत्या के लिए तैयार किया। उन्हें हथियार, भागने के लिए बाइक और खर्च के लिए पैसे उपलब्ध कराए गए। जांच में यह भी सामने आया कि 18 मार्च को दोनों शूटरों ने पहले ही जिम के बाहर पहुंचकर रेकी की थी। जैसे ही चमनप्रीत जिम से बाहर निकले, उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं और आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि यह पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से की गई थी। अब जांच एजेंसियां इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
