चंडीगढ़ में मिलावटी दूध की बिक्री पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
मिलावटी दूध की समस्या
204 सैंपलों में से 68 फेल
चंडीगढ़: गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन में कमी के चलते मिलावटखोरों ने नकली दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री बढ़ा दी है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। यह जानकारी हाल ही में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई छापेमारी और सैंपलिंग से सामने आई है।
पंजाब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाल ही में 204 दूध और दूध उत्पादों के सैंपल लिए। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस अभियान में राज्य की स्थानीय डेयरियों की जांच की गई, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पनीर के सैंपल शामिल थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इनमें से 68 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए, जबकि एक नमूना असुरक्षित था।
सैंपल की जांच
स्टेट फूड लैबोरेटरी में कराई जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी सैंपल को मिलावट और मानकों के अनुपालन की जांच के लिए मान्यता प्राप्त स्टेट फूड लैबोरेटरी में भेजा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अपील की कि वे खाद्य पदार्थों में मिलावट के संदिग्ध मामलों की सूचना दें। उल्लेखनीय है कि इस सैंपलिंग अभियान से पहले एफडीए पंजाब ने 6 और 7 मई 2026 को दूध सैंपलिंग अभियान चलाया था।
स्वास्थ्य की सुरक्षा
लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे
स्वास्थ्य मंत्री ने पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि मिलावटी दूध की बिक्री को समाप्त कर जनस्वास्थ्य की रक्षा की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह सैंपलिंग अभियान आने वाले हफ्तों में भी जारी रहेगा।
एफडीए कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ ने कहा कि फूड सेफ्टी अधिकारी न केवल कानून लागू कर रहे हैं, बल्कि फूड बिजनेस ऑपरेटरों को स्वच्छता और उचित भंडारण के तरीकों के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।
