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चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नई व्यवस्थाएं

चारधाम यात्रा 2023 की तैयारियों में श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। टोकन व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी कतारों में न खड़ा होना पड़े। इस वर्ष डेंजर जोन की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। पिछले साल की यात्रा में 51 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए थे। जानें इस यात्रा के बारे में और क्या खास है।
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चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नई व्यवस्थाएं

टोकन व्यवस्था का संचालन


टोकन व्यवस्था जारी रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में न खड़ा होना पड़े


चार धाम यात्रा, जो देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक है, अगले महीने से आरंभ होने जा रही है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारों धाम पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन मिल सकें और उन्हें लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े।


डेंजर जोन की संख्या में वृद्धि

पिछले साल की तुलना में दोगुने डेंजर जोन


चारधाम यात्रा मार्ग पर इस बार पिछले वर्ष की तुलना में डेंजर जोन की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। आपदाओं के कारण भूस्खलन और ब्लैक स्पॉट की संख्या पिछले साल 58 से बढ़कर 100 से अधिक हो गई है। आईजी रेंज ने संबंधित विभागों को इन स्थानों की निगरानी के निर्देश दिए हैं, और यात्रा से पहले कुछ स्थानों को दुरुस्त भी किया जाएगा।


पिछले साल की यात्रा का आंकड़ा

51 लाख श्रद्धालुओं की उपस्थिति


पिछले साल चारधाम यात्रा में लगभग 51 लाख श्रद्धालु आए थे, जिनमें से 72 प्रतिशत, यानी 36 लाख से अधिक श्रद्धालु पहले दो महीनों में ही पहुंच गए थे। एक निजी संस्था के सर्वेक्षण के अनुसार, यात्रा के दौरान बारिश और अन्य आपदाओं के कारण कई दिन यात्री नहीं पहुंच सके।


अन्य मंदिरों में भी टोकन व्यवस्था

देश के अन्य मंदिरों में लागू टोकन व्यवस्था


पर्यटन विभाग ने वैष्णो देवी सहित अन्य प्रमुख मंदिरों की तर्ज पर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए टोकन व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा न होना पड़े।