चीन का ईरान के नए नेता को समर्थन, अमेरिका-इजरायल की धमकियों पर कड़ा जवाब
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष जारी है। दोनों पक्षों द्वारा लगातार हमले हो रहे हैं। इस बीच, ईरान ने दिवंगत सुप्रीम लीडर खामेनेई के स्थान पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया है। इस निर्णय के बाद, अमेरिका और इजरायल ने मोजतबा को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इन धमकियों पर चीन ने एक सख्त प्रतिक्रिया दी है।
चीन का स्पष्ट संदेश
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ईरान का आंतरिक मामला है और इसमें किसी को भी हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन किसी भी बहाने से दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने का विरोध करता है और ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए नेता के चयन में अमेरिकी भूमिका की मांग की थी। ईरान ने जब मोजतबा के नाम की घोषणा की, तो ट्रंप ने कहा कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं टिकेगी। इजरायल ने भी मोजतबा को निशाना बनाने की बात की थी।
चीन का ईरान के प्रति समर्थन
चीन, ईरान के तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा खरीदता है और उसे खुलकर समर्थन करता है। हालांकि, उसने केवल बयान जारी किए हैं। बीजिंग ने अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को “अवैध आक्रामकता” करार दिया है और युद्धविराम की मांग की है। चीन का समर्थन ईरान के लिए कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य-तकनीकी स्तरों पर फैला हुआ है।
