चीन का नया कार्गो ड्रोन: 3.5 मीट्रिक टन उठाने की क्षमता
चांगयिंग-8 का सफल परीक्षण
नई दिल्ली - चीन ने मानव रहित मालवाहक तकनीक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपने नए भारी कार्गो ड्रोन ‘चांगयिंग-8’ का सफल परीक्षण किया है। यह ड्रोन एक बार में 3.5 मीट्रिक टन तक सामान ले जाने की क्षमता रखता है और इसे दुनिया के सबसे बड़े कार्गो ड्रोन में से एक माना जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस ड्रोन ने हेनान प्रांत के झेंग्झौ शांगकियाओ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी। परीक्षण के दौरान, यह लगभग 30 मिनट तक हवा में रहा और सुरक्षित लैंडिंग की। उड़ान के दौरान इसके इंटेलिजेंट फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, एवियोनिक्स, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम सहित सभी प्रमुख तकनीकी पहलुओं का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। ‘चांगयिंग’ का अर्थ ‘विशाल बाज’ है, जो इसकी ताकत और क्षमता को दर्शाता है। इस ड्रोन की लंबाई लगभग 17 मीटर और पंखों का फैलाव 25 मीटर है, जबकि इसकी अधिकतम उड़ान सीमा लगभग 3,000 किलोमीटर है।
इस ड्रोन की एक विशेषता यह है कि इसे उड़ान भरने और उतरने के लिए 500 मीटर से कम रनवे की आवश्यकता होती है। मजबूत लैंडिंग गियर के कारण, यह कच्चे या असमतल रनवे पर भी आसानी से काम कर सकता है। यही कारण है कि इसे दुर्गम क्षेत्रों, जैसे पठारों और द्वीपों में भी उपयोगी माना जा रहा है। ड्रोन में आगे और पीछे दोनों ओर लोडिंग दरवाजे हैं, जिससे लगभग 15 मिनट में 3.5 टन तक माल लादा जा सकता है। इसके अलावा, कंपनी का दावा है कि इसके पंखों को अतिरिक्त भार उठाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
नोरिन्को के चेयरमैन साई हांगकिंग के अनुसार, इस परियोजना की सफलता के बाद, चीन अब और अधिक उन्नत और भारी क्षमता वाले ड्रोन विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। रक्षा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में इस तकनीक को एक गेमचेंजर माना जा रहा है।
