चीन ने ईरान पर अमेरिकी नीतियों की आलोचना की
चीन का अमेरिका के खिलाफ बयान
बीजिंग ने ईरान के प्रति अमेरिका के दृष्टिकोण पर अपनी असहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही, उसने उच्च टैरिफ लगाने के निर्णय को भी गलत ठहराया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "चीन अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करता है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल के उपयोग या धमकी का भी विरोध करता है। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रयास करेंगे।"
अमेरिका के निर्देशों पर प्रतिक्रिया
माओ से इस विषय पर सवाल किया गया था, जिसमें अमेरिका ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी थी, साथ ही यह भी कहा गया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि साइबर युद्ध और मनोवैज्ञानिक युद्ध जैसे अन्य विकल्पों पर भी चर्चा की जा रही है। प्रवक्ता ने कहा कि चीन ईरान की राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने में समर्थन करता है।
चीनी दूतावास की प्रतिक्रिया
वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के निर्णय की आलोचना की है। चीन का कहना है कि वह "किसी भी गैर-कानूनी एकतरफा प्रतिबंधों और क्षेत्राधिकार में जबरन हस्तक्षेप" का विरोध करता है।
प्रवक्ता ने एक्स पर कहा, "चीन का टैरिफ के अंधाधुंध लागू होने के खिलाफ स्पष्ट रुख है। टैरिफ युद्ध और व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता, और समस्याओं का समाधान बल और दबाव से नहीं किया जा सकता।"
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर मंगलवार को एक पोस्ट काफी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका का 25 प्रतिशत टैरिफ ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर तुरंत लागू होगा।
ट्रंप के इस कदम का प्रभाव भारत और चीन जैसे देशों पर भी पड़ सकता है। भारत पर अमेरिका ने पहले ही 50 प्रतिशत टैरिफ लागू किया है।
ट्रंप ने लिखा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश अमेरिका के साथ व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।'
