चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट से लिया संन्यास, भावुक होकर साझा की अपनी कहानी

पुजारा का संन्यास: क्रिकेट जगत में एक बड़ा बदलाव
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के 'दीवार' के नाम से मशहूर चेतेश्वर पुजारा ने अपने पेशेवर क्रिकेट करियर से संन्यास लेने की घोषणा की है, जिससे खेल की दुनिया में हलचल मच गई है। हाल के महीनों में संन्यास लेने वाले प्रमुख भारतीय खिलाड़ियों की सूची में अब उनका नाम भी शामिल हो गया है। 2023 में भारत के लिए अपना अंतिम टेस्ट मैच खेलने वाले पुजारा घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के जरिए टीम में वापसी की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब उन्होंने अपने शानदार करियर को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
कमेंट्री के दौरान संन्यास का विचार नहीं आया
पुजारा ने अपने संन्यास के बारे में एक इंटरव्यू में बताया कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि जब वह हाल ही में भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के दौरान कमेंट्री के लिए यूके में थे, तब उनके मन में संन्यास का कोई विचार नहीं था।
उन्होंने कहा, 'जब मैं यूके में था, तो मैं इस सीजन (घरेलू क्रिकेट) का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। लेकिन घर लौटने के बाद और रणजी ट्रॉफी की तैयारी शुरू करने से पहले, मैंने अपने परिवार, दोस्तों और कुछ साथियों से बात की। मैं जानना चाहता था कि इस सीजन में मेरे खेलने को लेकर उनकी क्या राय है।'
युवाओं के लिए रास्ता खोलना
पुजारा ने आगे कहा, 'मुझे पता था कि अगर मैं एक और सीजन खेलता, तो मैं टीम में अपनी जगह बनाए रखता, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता था। मुझे यह भी यकीन नहीं था कि मैं पूरे सीजन खेलना जारी रख पाऊंगा।' उन्होंने महसूस किया कि अब अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का सही समय आ गया है।
उन्होंने कहा, 'इसलिए मैंने सोचा कि मेरे लिए आगे बढ़ने और उन युवा खिलाड़ियों को मौका देने का यह सबसे अच्छा समय है जो सौराष्ट्र टीम का हिस्सा बन सकते हैं।'
भावुक क्षण: माता-पिता की यादें
पुजारा, जो अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ शांत स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं, इस दौरान थोड़े भावुक हो गए। उन्होंने अपने पिता और कोच अरविंद पुजारा तथा अपनी दिवंगत मां रीना पुजारा के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा, 'यह उनके लिए भी एक भावुक क्षण था। मेरे पिता मेरे लिए प्रेरणा थे क्योंकि क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अद्भुत थी। मैं अपनी मां का भी धन्यवाद करना चाहता हूं। जब मैं 17 साल का था, तब कैंसर के कारण उनका निधन हो गया, लेकिन उन्होंने मुझे एक अच्छा इंसान बनना सिखाया।'
उन्होंने अपनी पत्नी पूजा के समर्थन का भी जिक्र करते हुए कहा, 'मेरी पत्नी पूजा ने एक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि एक सफल क्रिकेटर बनने के लिए पूरे परिवार के सहयोग की जरूरत होती है।'