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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बम धमकी से सुरक्षा अलर्ट, जांच जारी

छत्तीसगढ़ में हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पुलिस ने परिसर को खाली कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया है। जांच में साइबर सेल भी शामिल है, जो ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। पिछले कुछ महीनों में इसी तरह की धमकियों के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन अधिकांश फर्जी पाए गए हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सुरक्षा उपायों के बारे में।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बम धमकी से सुरक्षा अलर्ट, जांच जारी

बम धमकी से हाईकोर्ट में मची अफरातफरी

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ में न्यायालयों और प्रशासनिक कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला जारी है। हाल ही में, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ।


जैसे ही बम से उड़ाने की सूचना मिली, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। सुरक्षा के मद्देनजर, पूरे परिसर को खाली कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया। एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा एजेंसियों ने हाईकोर्ट के सभी प्रवेश और निकासी मार्गों को बंद कर दिया और तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।


पुलिस परिसर में आने-जाने वाले व्यक्तियों की गहन जांच कर रही है। संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर सेल ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है, जिसमें सर्वर, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल ट्रेल की गहन जांच की जा रही है। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। वकीलों के साथ समन्वय कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बिना जांच के किसी को भी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है।


पुलिस ने कहा है कि झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और आरोपियों की पहचान की जा रही है। परिसर में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौजूद हैं। लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। कोर्ट परिसर संवेदनशील स्थानों में शामिल है। पिछले कुछ महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में उच्च न्यायालयों और जिला न्यायालयों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिलते रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाए गए, लेकिन अधिकांश मामलों में धमकियां फर्जी पाई गईं। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।