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जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर उच्च स्तरीय बैठक आज

आज नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। इस बैठक में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ रोकने और आतंकवादियों के खिलाफ अभियानों का मूल्यांकन किया जाएगा। हाल के महीनों में जम्मू क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन हुए हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की गतिविधियों पर भी चर्चा की जाएगी, जिसमें हमास और लश्कर-ए-ताइबा के बीच संबंधों का उल्लेख है।
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जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर उच्च स्तरीय बैठक आज

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बैठक


नई दिल्ली में आज जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था पर पहली उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य भूमिका निभाएंगे। यह बैठक इस क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर पाकिस्तान से लगी सीमा के कारण।


जम्मू क्षेत्र के पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में सुरक्षाबलों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। हाल के महीनों में किश्तवाड़, डोडा और उधमपुर जिलों में कई मुठभेड़ें हुई हैं, जिनमें आतंकियों को मार गिराया गया है। इन क्षेत्रों में आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।


इस बैठक का उद्देश्य नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ को रोकना है। इसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, अर्द्धसैनिक बल, खुफिया एजेंसियां और पुलिस प्रशासन के प्रमुख शामिल होंगे।


पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हाल ही में हमास के प्रतिनिधियों को लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के साथ जोड़ने की कोशिशें की हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, हमास के कई सदस्य पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लश्कर और जैश के कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं।


गुजरांवाला में हमास का एक वरिष्ठ कमांडर नाजी जहीर लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी राशिद अली संधू के साथ एक मंच पर दिखाई दिया, जो इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है।