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जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ईरान के साथ एकजुटता दिखाई

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने ईरान के पूर्व नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के खिलाफ विधानसभा में और बाहर प्रदर्शन किया। विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि पार्टी और सरकार ईरान के साथ खड़ी हैं और भारत के नेतृत्व से इस घटना की निंदा करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हवाई बमबारी के खिलाफ आवाज उठाई। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ईरान के साथ एकजुटता दिखाई

जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन


जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के सदस्यों ने विधानसभा के भीतर और बाहर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया और ईरान के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की।


एकजुटता का संदेश

जेकेएनसी विधायक तनवीर सादिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि खामेनेई की हत्या के मामले में पूरी पार्टी और जम्मू-कश्मीर सरकार ईरान के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश पर आक्रमण करने का अधिकार नहीं है और भारत के नेतृत्व से इस घटना की निंदा करने का आग्रह किया।


भारत के नेतृत्व से अपेक्षाएँ

सादिक ने कहा कि जैसे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहले खामेनेई की हत्या की निंदा की थी, उसी तरह आज सभी एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि खामेनेई की हत्या के तरीके को देखते हुए, किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का अधिकार नहीं है।


हवाई बमबारी का प्रभाव

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 7 मार्च को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की निंदा की और कहा कि हवाई बमबारी से सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है। उन्होंने खामेनेई की हत्या को बल का दुरुपयोग और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।


ईरान पर हमले का विवरण

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए, जिसमें 86 वर्षीय खामेनेई और उनका परिवार मारा गया। इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया। ईरान ने भी जवाबी हमले किए, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट उत्पन्न हुआ।