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जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी खतरे का अलर्ट: IED बरामदगी से टला बड़ा हादसा

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोजिव डिवाइस (IED) को समय पर निष्क्रिय कर एक बड़े हादसे को टाल दिया। इसी तरह की एक घटना बारामूला में भी हुई। दिल्ली में भी सुरक्षा को बढ़ाया गया है, जहां खुफिया एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा द्वारा धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जानें इस मामले में और क्या जानकारी मिली है।
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी खतरे का अलर्ट: IED बरामदगी से टला बड़ा हादसा

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की तत्परता


पूरे देश में पूजा स्थलों और ऐतिहासिक स्थानों पर संभावित आतंकवादी हमलों की खुफिया जानकारी के बीच जम्मू-कश्मीर में एक बड़ा हादसा टल गया। गांदरबल जिले में सड़क किनारे एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोजिव डिवाइस (IED) मिला, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने समय पर निष्क्रिय कर दिया। यह घटना कोहेस्तान कॉलोनी के पास गुलाब शेख मोहल्ले में हुई, जहां एक बैग में रखा विस्फोटक उपकरण सड़क पर पाया गया।


बारामूला में भी IED की बरामदगी

एक दिन पहले, बारामूला जिले के जांबाजपोरा क्षेत्र में भी इसी तरह का एक IED बरामद हुआ था, जिसे सेना ने सावधानीपूर्वक निष्क्रिय किया। सुरक्षा बलों का मानना है कि ये घटनाएं आतंकियों की साजिश का हिस्सा हैं। घाटी में सतर्कता और खुफिया एजेंसियों की सक्रियता के कारण कई बड़े हादसे टल चुके हैं।


दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई

दिल्ली में खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद, शनिवार को लाल किला, चांदनी चौक और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा को और मजबूत किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना बनाई है। लाल किले के आसपास संभावित विस्फोट के खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।


संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा उपाय

सूत्रों के अनुसार, खुफिया जानकारी में चांदनी चौक स्थित एक मंदिर को भी संभावित निशाना बनाने का जिक्र है। सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है।


लश्कर-ए-तैयबा की साजिश का संकेत

खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि लश्कर-ए-तैयबा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस आधारित हमले की योजना बना सकता है। यह कथित साजिश पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए विस्फोट का बदला लेने के प्रयासों से जुड़ी है।


वाहनों की जांच और बम दस्तों की तैनाती

केंद्रीय एजेंसियां और दिल्ली पुलिस की इकाइयां आपस में समन्वय बनाए हुए हैं। सीसीटीवी निगरानी, वाहनों की जांच और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के माध्यम से निगरानी बढ़ाई गई है। बम निरोधक दस्ते और खोजी दल भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए गए हैं। यह चेतावनी 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट के संदर्भ में जारी की गई है।


सार्वजनिक सतर्कता की अपील

सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवाओं को सूचित करने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और ये उपाय एहतियात के तौर पर किए गए हैं।