जम्मू-कश्मीर में इल्तिजा मुफ्ती का विवादित बयान, हिंदुत्व पर उठाए सवाल
धर्म का मुद्दा फिर से गरमाया
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर धार्मिक मुद्दों पर चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कश्मीर में हिंदुत्व को स्वीकार न करने की बात कही और भारत माता की जय तथा जय श्री राम के नारों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस बयान के बाद भाजपा के नेताओं सहित कई अन्य राजनीतिक दलों ने उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर में किसी भी स्थिति में हिंदुत्व को नहीं चलने दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर के लोगों को भारत माता की जय और जय श्री राम कहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। भाजपा नेता हरि दत्त शिशु ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इल्तिजा के बयानों से सांप्रदायिकता बढ़ रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर में भारत माता की जय का नारा गूंज रहा है।
महबूबा मुफ्ती का बयान
हरि दत्त शिशु ने महबूबा मुफ्ती के पिछले बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि अनुच्छेद 370 को हटाया गया, तो कश्मीर में कोई तिरंगा नहीं उठाएगा। लेकिन अब कश्मीर में तिरंगा लहराता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीडीपी का झंडा उठाने के लिए लोग अब तलाश कर रहे हैं।
इल्तिजा मुफ्ती का बयान और विवाद
इल्तिजा मुफ्ती ने यह बयान श्रीनगर में एक बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिया। जब उनसे कश्मीर के क्रिकेटरों द्वारा अपने हेलमेट पर फलस्तीन का झंडा लगाने के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि यहां इस तरह की बातें करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने फलस्तीन में हो रहे अत्याचारों पर भी एतराज जताने की अनुमति न मिलने की बात कही। उनके इस बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, और बजरंग दल जैसे संगठनों ने भी इस पर नाराजगी व्यक्त की है।
