जम्मू-कश्मीर में ड्रोन गतिविधियों से सुरक्षा एजेंसियों में चिंता
सुरक्षा एजेंसियों की अलर्ट स्थिति
जम्मू - जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट अचानक बढ़ी ड्रोन गतिविधियों के कारण सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी ड्रोन के देखे जाने की घटनाओं ने सुरक्षा बलों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारतीय सेना ने कई स्थानों पर ड्रोन को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है।
राजौरी, सांबा और पुंछ में ड्रोन की पहचान
अधिकारियों के अनुसार, राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में गनिया-कलसियां गांव के ऊपर एक ड्रोन की गतिविधि देखी गई। इसके बाद राजौरी के खब्बर गांव (तेरियाथ) में भी एक अन्य ड्रोन नजर आया। सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के चक बाबराल गांव के ऊपर भी ड्रोन जैसी वस्तु कुछ समय तक मंडराती देखी गई। इसके अलावा, पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास ड्रोन जैसी गतिविधि दर्ज की गई।
नौशेरा सेक्टर में सेना की त्वरित प्रतिक्रिया
नौशेरा सेक्टर में ड्रोन देखे जाने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया। सेना ने एमएमजी और एलएमजी हथियारों से फायरिंग कर ड्रोन को मार गिराने का प्रयास किया। यह दर्शाता है कि सेना किसी भी घुसपैठ या संदिग्ध गतिविधि के प्रति पूरी तरह सतर्क है।
सांबा में हथियार गिराने की घटना
सांबा के रामगढ़ सेक्टर में ड्रोन की उपस्थिति को और गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि एक दिन पहले इसी क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गिराई गई थी। तलाशी अभियान के दौरान बीएसएफ ने पिस्तौल, मैगज़ीन, चीनी ग्रेनेड समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी।
ड्रोन के जरिए साजिश की आशंका
लगातार तीन अलग-अलग सेक्टरों में ड्रोन की गतिविधियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान ड्रोन के माध्यम से हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने की कोशिशें तेज कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पारंपरिक घुसपैठ में नाकामी के बाद अब ड्रोन को नया हथियार बनाया जा रहा है। फिलहाल, पूरे सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी है और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।
