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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से बांदीपुरा में बाढ़ जैसी स्थिति

जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश ने तबाही मचाई है। मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे कई घरों में पानी भर गया और यातायात ठप हो गया। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।
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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से बांदीपुरा में बाढ़ जैसी स्थिति

भारी बारिश से तबाही


उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों से लेकर पहाड़ों तक इस समय भीषण गर्मी का सामना किया जा रहा है, जबकि जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। बुधवार रात को हुई मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे कई रिहायशी संपत्तियों को गंभीर नुकसान हुआ। कई घरों में कीचड़ और बारिश का पानी भर गया है, जिससे संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।


श्रीनगर-बांदीपुरा हाईवे पर यातायात बाधित

बारिश के कारण दारुल उलूम रहिमिया के पास श्रीनगर-बांदीपुरा राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। सड़क के किनारे भूस्खलन के कारण मलबा और पानी जमा हो गया है, जिससे श्रीनगर और बांदीपुरा के बीच यात्रा प्रभावित हुई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।


घरों में जलभराव से नुकसान

स्थानीय निवासियों के अनुसार, अचानक हुई भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रात भर हुई बारिश के कारण घरों में पानी भर गया, जिससे सामान को भारी नुकसान हुआ है। कई घरों में रसोई का सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आवश्यक वस्तुएं कीचड़ और पानी में डूब गई हैं। कई लोग सुबह उठने पर अपने घरों में कीचड़ भरा हुआ पाए।


वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह

प्रशासन ने वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कई वैकल्पिक मार्ग भी प्रभावित हैं। लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की टीमें स्थिति को सामान्य करने में लगी हुई हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। सड़क की मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, विशेषकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बताया गया है।